पूर्व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री व कांग्रेस नेता जयप्रकाश ने कृषि कानूनों के विरोध में कहा कि जब ये बिल के रूप में कैबिनेट में पास किए गए थे, उसी दिन से ही पंजाब से इनका विरोध होना शुरू हो गया था। अब यह किसान आंदोलन न रहकर पूरे देश का जन आंदोलन बन गया है। वे एसएस जैन सभा रानियां मेें विराजमान जैन संत युवा प्रज्ञ सुव्रत मुनि से आशीर्वाद लेने के लिए अपने मित्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जसवंत कस्वां व जंगजीत खांडा के यहां पहुंचे थे।
ऐलनाबाद के विधायक और इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला द्वारा विधानसभा से इस्तीफा देने पर जयप्रकाश ने कहा कि अभय सिंह को आंदोलन शुरू होने पर ही इस्तीफा देना था, अब इस्तीफा देने का क्या फायदा। इस्तीफा देने के बाद सत्ता पक्ष और अधिक मजबूत हुआ है ना कि कमजोर। अभय सिंह विधानसभा में सरकार के खिलाफ लड़ते व कृषि विरोधी कानूनों को लेकर सरकार के खिलाफ मतदान करते। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब सब कुछ थम गया था और देश की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई थी तो किसानों व खेती ने ही देश को संभाला था। सरकार आज उसी किसान को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला को किसानों की तरफ ध्यान देकर उनकी समस्या का समाधान करवाना चाहिए।