हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि एक ओर पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन के सही तरीके से लागू न करने पर अपनी जान दे रहे हैं वहीं सरकार को स्वर्ण जयंती कार्यक्रम जैसे ढकोसलों से फुरसत नहीं है।
वीरवार को जारी एक बयान में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. तंवर ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी स्वयं उस परिवार से हैं जिनके बुजुर्गों ने देश की स्वतंत्रता, एकता एवं अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और आजादी के बाद देश को विकास के नए पथ पर दौड़ाया। शहीद सैनिकों के प्रति श्रद्धा और देशप्रेम का यही जज्बा राहुल गांधी को भिवानी के गांव बामला में भी शहीद को श्रद्धांजलि देने ले आया जिसके लिए पूरा हरियाणा एवं खासतौर पर भूतपूर्व सैनिक उनके आभारी है।
तंवर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले हरियाणा के रेवाड़ी जिले में ही यह घोषणा की थी वे पूर्व सैनिकों की वन रैंक वन पेंशन की मांग को पूरी तरह से लागू कर उन्हें न्याय देंगे मगर बातों में भरोसा करने वाली मोदी सरकार की अकर्मण्यता और उदासीनता का ही प्रतिफल है कि देशभर के लाखों पूर्व सैनिकों को अभी तक भी वन रैंक वन पेंशन का लाभ नहीं पहुंचा है। इतना ही नहीं पारदर्शी शासन का दावा करने वाली भाजपा सरकार में यदि कोई पूर्व सैनिक रक्षा मंत्रालय में अपनी कोई बात रखना चाहते हैं तो उन्हें संबंधित मंत्री से मिलने तक नहीं दिया जा रहा, जिससे परेशान होकर ही पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल जैसे देशभक्त अपनी कीमती जान देने पर आमादा हैं।
उन्होंने पूर्व जनरल वीके सिंह के उस बयान की भी तीखी आलोचना की जिसमें उन्होंने रामकिशन ग्र्रेवाल की मनोस्थिति पर सवाल उठाए हैं। डॉ. तंवर ने कहा कि वे स्वयं भी एक पूर्व सैनिक के पुत्र हैं और इसलिए पूर्व सैनिकों को न दी जाने वाली सुविधाओं से होने वाली पीड़ा को बेहतर तरीके से जानते हैं। उन्होंने कहा कि वन रेंक वन पेंशन को उचित तरीके से लागू न करने के कारण ही देशभर के पूर्व सैनिक पिछले लंबे समय से धरने पर हैं मगर सरकार कानों में रूई डालकर बैठी है। उन्होंने कहा कि जिस देश का शौर्य बढ़ाने वाले जवान और देश का पेट भरने वाले किसान संकट में हों, वहां शासन के नाम पर अघोषित इमरजेंसी ही मानी जाती है और भारत इस समय ऐसी ही परिस्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा समाज के हर वर्ग की बेहतरी के लिए संघर्ष किया है और भविष्य में भी ये संघर्ष जारी रहेगा।