डबवाली रेलवे ओवरब्रिज का मामला एक बार फिर राजनीति की वजह से खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। काफी संघर्ष के बाद शुरू हुए आरओबी के निर्माण कार्य को बृहस्पतिवार को पंजाब के अधिकारियों ने रुकवा दिया और काम शुरू करने की दशा में केस दर्ज करवाने की चेतावनी दी। सीएम हरियाणा के ओएसडी (मीडिया) डॉ. केवी सिंह ने इसे डर्टी पॉलिटिक्स कहकर विवाद को और हवा दे दी है।
नेशनल हाईवे नंबर नौ (डबवाली-मलोट रोड) पर आरओबी बनाने का ठेका नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने गाबड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया है। आरओबी निर्माण पर करीब 82 करोड़ रुपये खर्च आने हैं।
इसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी ने काफी दिनों से कार्य शुरू कर रखा है। वीरवार को नेशनल हाईवे मलोट के एसडीई कुनाल सपोलिया पुलिस बल के साथ मलोट रोड पर चौ. देवीलाल पार्क के नजदीक पहुंचे। उन्हाेंने आरओबी निर्माण के लिए चल रहे कार्य को बंद करवा दिया।
मौके पर उपस्थित किलियांवाली पुलिस के हवलदार सरवन सिंह को काम बंद न होने की स्थिति में संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी के साइट मैनेजर अरुण बिश्नोई ने कार्य रुकवा दिया।
900 मीटर लंबा आरओबी
डबवाली आरओबी 896 मीटर लंबा है। पंजाब में इसका करीब 150 मीटर भाग आता है। आरओबी का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया करवा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 82 करोड़ रुपये की लागत आनी है। इसमें से 47 करोड़ 25 लाख रुपये हरियाणा सरकार ने दिए हैं, जबकि 23 करोड़ रुपये रेलवे का शेयर है। इसके अतिरिक्त 12 करोड़ रुपये अतिरिक्त कार्यों का खर्च है। आरओबी का निर्माण शुरू हुए काफी समय हो चुका है।