लावारिस पशुओं की वजह से बार-बार ट्रेन और सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने इन्हें रोकने के लिए एक कदम भी नहीं उठाया। प्रशासन आचार संहिता की आड़ में कोई प्रयास नहीं कर रहा, जिस वजह से लोगों की जान पर बनी हुई है।
मंगलवार रात को अरोड़वंश धर्मशाला सभा के पास रेलगाड़ी के सामने अचानक एक सांड आ गया। सांड को बचाने के चक्कर में बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता था। इस हादसे में सांड बुरी तरह से कट गया। इससे पहले सोमवार को चार सांड लालगढ़-गुवाहटी एक्सप्रेस के आगे आ गए थे, जिससे गाड़ी पलटते-पलटते बची थी।
बाइक के आगे आया सांड, बुरी तरह घायल
मंगलवार रात को नई अनाज मंडी रोड अचानक सांड के आगे आने से बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में आईसीआईसीआई बैंक के बिजनेस मैनेजर भूपेंद्र सचदेवा घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। लावारिस पशुओं की वजह से सड़क हादसों में निरंतर वृद्धि हो रही है।
150 से 200 लावारिस सांड है शहर में
शहर में करीब 150 से 200 लावारिस सांड घूम रहे हैं। हिंसक होने की वजह से आए दिन कोई न कोई व्यक्ति इनका शिकार हो रहा है। इनकी वजह से सड़क मार्गों पर भी हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। शहर में बनी गोशाला में करीब एक हजार पशुओं को रखने की क्षमता है, जबकि वहां पहले ही 1300 पशु हैं। इस वजह से उन्होंने भी हाथ खड़े कर लिए हैं।
सीएम ने भी की अनदेखी
16 फरवरी 2014 को डबवाली के खेल स्टेडियम में हुई कांग्रेस की रेल पुल रैली के दौरान ओएसडी (मीडिया) केवी सिंह ने शहर की ओर से लावारिस सांडों को पकड़कर एक जगह पर रखने के लिए सांडशाला की मांग की थी। उस दौरान सीएम ने मांग पर जिक्र तक नहीं किया था। न ही मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन को कोई निर्देश दिया।
कोट
लोकसभा चुनाव के बाद लावारिस पशुओं को पकड़ने का ठेका दिया जाएगा।
- ऋषिकेश चौधरी, सचिव, नगर परिषद, डबवाली
कोट
लावारिस पशुओं को पकड़ने का टेंडर तो चुनाव के बाद छोड़ा जाएगा, लेकिन नगर परिषद अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए जाएंगे कि वे अपने स्तर पर इस समस्या का हल निकलवाने का प्रयास करें।
- सतीश कुमार, एसडीएम, डबवाली