रानियां। सिहाग ट्रेडिंग कंपनी मतुवाला की ओर से नकली घी बनाने की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़ानदस्ते ने मंगलवार को छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने डेयरी से घी, दूध के सैंपल भरकर जांच के लिए लैब में भेज दिए। वहीं पैकिंग घी पर एक्सपायरी डेट नहीं होने पर चालान काटा गया। डेयरी का चालान कर उपायुक्त अदालत सिरसा भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सिहाग ट्रेडिंग कंपनी मतुवाला में नकली घी बनाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। खाद्य सुरक्षा विभाग से डॉ. गौरव के नेतृत्व में एक टीम गठित कर मंगलवार को सिहाग डेयरी पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टीम को मौके पर मौजूद टैंकरों में 19,700 लीटर सप्रेटा दूध, 8,000 लीटर गाय का दूध और 870 किलोग्राम खुला व 238 पैकिंग घी मिला।
टीम ने डेयरी की छानबीन कर तीन सैंपल दूध के और चार सैंपल घी के भरकर जांच के लिए लैब में भेजे। वहीं घी की पैकिंग पर समाप्ति तिथि न मिलने पर डेयरी का चालान कर उपायुक्त अदालत सिरसा भेजा गया। डेयरी मालिकों की ओर से दूध की सप्लाई गांव किरड़ान, मेवात और टुडे मिल्क पाउडर मोगा पंजाब में भी भेजा जाता है।
टीम को छापामार कार्रवाई के दौरान डेयरी का तकनीकी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिला। दो साल पहले भी डेयरी पर छापामार कार्रवाई हुई थी। वहीं डेयरी संचालक ने बताया कि वह पिछले सात सालों से डेयरी संचालन का कार्य कर रहे हैं। उनकी तरफ से किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं की गई है।
विभागीय अधिकारी अपनी जांच कर रहे हैं और अगर सैंपल में इसी तरह की कोई मिलावट या गड़बड़ी पाई जाती है तो प्रशासन आगामी कार्रवाई करें। इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गौरव, एएसआई जितेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, दौलत राम सहित अन्य टीम सदस्य मौजूद रहे।
-गुप्त सूचना मिली थी कि सिहाग डेयरी की ओर से नकली की घी तैयार किया जाता हैं। इसके आधार पर टीम ने डेयरी पर छापामार कार्रवाई की गई है। जांच के लिए सैंपल भरकर लैब में भेज दिए हैं और डेयरी का चालान किया गया है।
- डॉ. गौरव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।