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डेरा प्रेमियों को क्लीन चिट

Wed, 26 Mar 2014 12:28 AM IST
सिरस, हितेश चतुर्वेदी
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गुरुद्वारे में पत्थरबाजी कर सिखों पर हमला करने और उनके वाहनों को आग के हवाले करने के आरोप में नामजद डेरा प्रेमियों को सीआईडी स्टेट क्राइम ब्रांच ने क्लीन चिट दे दी है।
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ब्रांच की ओर से अपनी रिपोर्ट सिरसा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश की गई है। अब ब्रांच की ओर से 500 लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में चालान पेश किया गया है, जबकि 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

इस मामले में पुलिस ने एक भी गिरफ्तारी नहीं की है। क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट पर सिख नेताओं ने रोष जाहिर    किया है।

आरोप है कि 24 नवंबर 2012 की शाम डेरा सच्चा सौदा के हजारों श्रद्धालुओं ने शहर के रानियां रोड स्थित मुख्य गुरुद्वारे में पत्थरबाजी और सिख संतों पर हमला किया।
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सिखों के वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। 24 नवंबर को सिख समुदाय की गुरुद्वारा दशम पातशाही में बैठक चल रही थी। इसी दिन डेरा सच्चा सौदा की सिरसा इकाई द्वारा गुरुद्वारे से कुछ ही दूर सामान्य अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग पर नामचर्चा शुरू की गई।

तहसीलदार ओपी बिश्नोई ने शहर थाना पुलिस को दर्ज करवाई शिकायत में बताया था कि नाम चर्चा के दौरान डेरे से जुडे़ लोगों ने सिखों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया, जिससे डेरा प्रेमी भड़क गए और उन्होंने रानियां रोड स्थित मुख्य गुरुद्वारे में पत्थरबाजी शुरू कर दी।

 हमले में संत गुरमीत सिंह तिलोके वाल सहित अन्य सिख घायल हो गए। आरोप है कि हथियारों से लैस लोगों ने सिखों के वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

शहर में हिंसा को भड़कने से बचने के लिए तत्कालीन जिलाधीश जे. गणेसन सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया था।


दर्ज केस के अनुसार, आक्रमणकारियों ने गुरुद्वारे से सुरक्षा के बीच बाहर निकले एसजीपीसी के सदस्य संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला पर हमला कर दिया। उनके सिर पर चोट लगी।

उपायुक्त जे. गणेसन ने संत तिलोकेवाला को घायल हालत में पत्थरबाजी के बीच सामान्य अस्पताल में पहुंचाया। उधर, श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रधान सुखविंद्र सिंह खालसा गाड़ी में बैठकर वाल्मीकि चौक की ओर जाने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था।
 
संभावित हिंसा को रोकने के लिए जिला प्रशासन को सात दिनों तक सिरसा में कर्फ्यू लगाना पड़ा। आरएएफ, बीएसएफ और प्रदेश के अन्य जिलों से भारी पुलिस बल सिरसा में पहुंचा। सात दिनों तक सुरक्षा बल तैनात रहा।

तहसीलदार ओपी बिश्नोई की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने डेरा प्रेमी कृष्ण पाल इंसां, रामपाल इंसां, कस्तूरी इंसां, अमरजीत नागोकी, राम सिंह नंबरदार, सतपाल टोहाना, रणदीप इंसां, सुखविंद्र इंसां, नितिश इंसां, बचन बजाज, गुरबचन और राकेश कुमार सहित 2500 अज्ञात डेरा प्रेमियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
 
रिपोर्ट के संबंध में एसजीपीसी के सदस्य संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला का कहना है कि एफआईआर में नामजद आरोपियों को स्टेट क्राइम ब्रांच ने सरकार के दबाव में बेकसूर करार दिया है।

बवाल के समय पूरा जिला प्रशासन मौजूद था। एसजीपीसी इस रिपोर्ट की निंदा करती है। सिखों के साथ न्याय नहीं किया गया।

क्राइम ब्रांच की जांच में नामजद आरोपियों के खिलाफ सबूत नहीं मिला और उन्हें बेकसूर पाया गया है। इस मामले में 500 लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में चालान पेश किया गया है। - अजीत सिंह, जांच अधिकारी, क्राइम ब्रांच, सीआईडी
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