मिडियाकर्मियें से बातचीत करतीं छात्राएं।
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महिला महाविद्यालय की एसएफआई की प्रधान संगम, उपप्रधान रूबी, राज्य कमेटी सदस्य खुशबू, भारती, मोनू, अंजू, मनप्रीत, सरणजीत, अनु, प्रीति, दीपिका, पूजा आदि ने कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से पढ़ाई के लिए यहां आती हैं, लेकिन अनुबंधित प्राध्यापकों की हड़ताल की वजह से पिछले 14 दिनों से कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। उन्होंने बताया कि एक माह बाद उनकी परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी, जबकि अभी उनका पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से जहां उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो वहीं आने-जाने के रूप में आर्थिक नुकसान व समय भी खराब होता है। उन्होंने सरकार से जल्द उनकी कक्षाएं सुचारू रूप से लगवाने का प्रबंध करने की मांग की।
सूचना मिलने पर सिटी थाना प्रभारी रामसिंह बिश्नोई मौके पर पहुंचे और छात्राओं को बताया कि बुधवार को सरकार के प्रतिनिधियों की अनुबंधित प्राध्यापकों के साथ दूसरे दौर की बैठक होगी, जिसमें कोई न कोई समाधान हो जाएगा और हड़ताल खत्म कर कक्षाएं लगानी शुरू करवा दी जाएंगी। इसके बाद छात्राएं शांत हुई और जाम हटा दिया। गुस्साई छात्राओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो सभी कॉलेजों के ताले लगा देंगे। बता दें कि एक्सटेंशन लेक्चरर्स की हड़ताल वजह से विद्यार्थियों की कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं जिसको लेकर विभिन्न छात्र संगठन कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। इसी कड़ी में सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौंपने के लिए सैकड़ों विद्यार्थी लघु सचिवालय पहुंचे जहां पर सीटीएम डॉ. वेद प्रकाश बेनीवाल ने विद्यार्थियों से ज्ञापन लिया। इससे पूर्व कॉलेज के समक्ष रोड जाम कर दिया गया था पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया और जाम खुलवा दिया।
एक्सटेंशन लेक्चरर्स का क्रमिक अनशन जारी
वहीं कॉलेज के एक्सटेंशन लेक्चरर्स अपनी फिक्स सेलरी और पद को रिक्त न समझे जाने की दो मुख्य मांगों को लेकर पिछले 14 दिनों से धरना व क्रमिक अनशन पर चल रहे हैं। एक्सटेंशन लेक्चरर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. लखवीर सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षक और शिक्षा के प्रति नकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं। पूरे हरियाणा के कॉलेज बंद पड़े हैं जिसकी वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो रही है, लेकिन सरकार की तरफ से लेक्चरर्स की मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रहेगा। आज भी सभी कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स की हड़ताल पर रहे।