सिरसा। पुरुषों की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 27 जनवरी से 10 फरवरी तक पुरुष सहभागिता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी और पुरुषों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने कहा कि दंपत्तियों में प्रजनन स्वास्थ्य सुधारने के लिए पुरुषों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी प्रजनन स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षित और सरल विकल्प है, जो महिला नसबंदी की तुलना में कम जोखिम और आसान प्रक्रिया है। इसे न्यूनतम संसाधनों और बुनियादी ढांचे के साथ आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है।
उप-सिविल सर्जन डॉ. भारत भूषण मित्तल ने बताया कि इस वर्ष अभियान की थीम रखी गई है स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार, पुरुष सहभागिता से ही होगा। उन्होंने कहा कि एनएसवी पद्धति से की जाने वाली पुरुष नसबंदी में न तो चीरा लगाया जाता है और न ही टांके। यह प्रक्रिया पुरुष की पौरुष क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं डालती। दक्ष सर्जन द्वारा यह सिर्फ 10-20 मिनट में पूरी हो जाती है। ऑपरेशन के दो दिन बाद लाभार्थी सामान्य कार्य कर सकता है और सात दिन बाद भारी कार्य भी कर सकता है।
पुरुष नसबंदी पर प्रोत्साहन राशि
जिला काउंसलर कमल कक्कड़ ने बताया कि महिला नसबंदी की तुलना में पुरुष नसबंदी पर अधिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। पुरुष नसबंदी कराने पर लाभार्थी को 2000 रुपये मिलते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुषों ने परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार का आधार अभियान के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पुरुष नसबंदी से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए लाभार्थी सरकारी अस्पताल, कमरा नंबर 21 में संपर्क कर सकते हैं, जहां परामर्श एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।