संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कानून के छात्रों के साथ मारपीट का मामला गंभीर हो गया है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने इस मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनकर यादव व एएसआई अवतार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। इस कार्रवाई से पीड़ित विद्यार्थी असंतुष्ट हैं। छात्रों ने पुलिस अधीक्षक से एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। अब वे इस मामले में कोर्ट में भी आरोपियों के खिलाफ केस दायर करेंगे।
बार एसोसिएशन के सदस्य एडवोकेट अभिराग, कानून के छात्र सागर, निर्मल सिंह, जगतार सिंह का कहना है कि पुलिस इस मामले में लीपापोती की है। जब तक आरोपी एसएचओ व एएसआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तब तक वह चुप नहीं रहेंगे। इस मामले में अभिराग अरोड़ा समेत अन्य कानून के छात्रों ने सिविल लाइन सिरसा के पुलिस कर्मियों के व्यवहार पर रोष जताते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा के नाम ज्ञापन दिया था। इसके अलावा सीडीएलयू के गेट व डीसी ऑफिस समक्ष प्रदर्शन कर रोष जताया था।
छात्रों का आरोप एसआई ने गर्दन से पकड़कर धक्का मारा
कानून के छात्रों ने बताया कि पांच दिसंबर की रात करीब साढ़े 12 बजे वे बस स्टैंड से सीडीएलयू लाइब्रेरी जा रहे थे। सिविल लाइन थाना एसएचओ ने बस स्टैंड के सामने उन्हें रोक लिया। पुलिस कर्मियों के मुंह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। पुलिस कर्मियों ने उन्हें पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा तो उन्होंने आईकार्ड दिखा दिए। इस पर एएसआई ने उन्हें गलत संबोधन किया। एएसआई ने गर्दन से पकड़कर धक्का मारा। कानून के छात्रों ने बताया कि विरोध करने पर एसएचओ ने अन्य पुलिस कर्मियों को उन्हें जिप्सी में डालने के लिए कहा। पुलिस कर्मियों ने उनके साथी निर्मल सिंह को चार-पांच थप्पड़ मारे और एएसआई ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने एक और जिप्सी बुला ली और सभी को धक्के मारते हुए जिप्सी में भर लिया। छात्रों का 5 दिसंबर की सुबह को पेपर था, इसलिए उन्होंने जिप्सी में पुलिस कर्मियों के पैर पकड़कर छोड़ने की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने उन्हें चेतावनी देते हुए सुनसान जगह पर उतार दिया था।
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पुलिस ने की है केवल खानापूर्ति
बार एसोसिएशन के सदस्य अभिराग का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने 20 दिन के बाद खानापूर्ति कर आरोपियों को लाइन हाजिर किया है। इस मामले में छात्रों ने एमएलआर से लेकर तमाम चीजें प्रशासन के सामने रखी थी। छात्र इस मामले में अब न्याय न मिलता देख कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।