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विधायक कांडा से माफी मंगवाने के लिए उनके कार्यालय का घेराव कर फूंका पुतला

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विधानसभा में विधायक गोपाल कांडा द्वारा किसानों को ब्लैकशिप कहने पर किसान भड़के हुए हैं। इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाने की मांग के लिए भावदीन टोल प्लाजा धरने पर बैठे किसान रणधीर सिंह जोधकां के नेतृत्व में हिसारियां बाजार स्थित कांडा के कार्यालय के समक्ष पहुंच गए। आंदोलनकारी किसानों ने एक घंटे तक विधायक कार्यालय के समक्ष धरना दिया और इसके बाद उनका पुतला फूंका।
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किसान मंगलवार को साढ़े 11 बजे जाट धर्मशाला में एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए 12 बजे हिसारियां बाजार स्थित गोपाल कांडा के कार्यालय के समक्ष पहुंच गए। किसानों को रोकने के लिए विधायक के कार्यालय के समक्ष भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। किसानों ने कार्यालय के समक्ष धरना दे दिया और विधायक को बुलाने की मांग की। पुलिस ने सड़क के दोनों तरफ की आवाजाही को बंद कर दी और रूट डायवर्ट कर दिया।
किसान नेता रणधीर जोधकां ने कहा कि किसानों से वोट लेकर विधायक अब किसानों को ही ब्लैकशिप कह रहे हैं। विधायक या तो अपने शब्द वापस लें या फिर किसानों से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि विधायक अगर किसानों से माफी नहीं मांगते हैं तो इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। किसानों ने एक घंटे तक सरकार और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक के न आने पर किसानों ने विधायक के कार्यालय के समक्ष ही उनका पुतला फूंक दिया। इस मौके पर सिकंदर सिंह, प्रकाश ममेरां, विनोद ढाका, गुरप्रीत सिंह, हरी सिंह उपस्थित रहे।
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होली पर्व पर भी किसानों ने उपमुख्यमंत्री आवास का किया था घेराव
बीते सोमवार को होली कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा कार्यकर्ताओं को मिठाई वितरित किए जाने पर किसान रोष प्रकट करते हुए उनके आवास के समक्ष पहुंच गए थे। मंत्री के आवास के समक्ष खड़े कार्यकर्ता और किसानों के बीच बहस होनी शुरू हो गई। पुलिस ने किसानों को मंत्री के आवास में जाने से रोक दिया और किसान रोड पर एक घंटे तक धरना प्रदर्शन करते रहे। किसानों ने मंत्री आवास के बाहर रखवाई मिठाई और अन्य सामान भी हटवा दिया। इस मौके पर लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि हर रोज किसान शहीद हो रहे हैं, लेकिन जजपा कार्यकर्ता खुशी मना रहे और किसानों के खिलाफ बयान दे रहे। ये निंदनीय है।
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