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दो दिन खरीद का काम बंद करने के बाद भी नहीं खाली हुईं मंडियां

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सरकार की ओर से दो दिन खरीद कार्य बंद करने के बाद भी मंडियां अभी तक खाली नहीं हो पाई हैं। मंडियों में अभी भी 17 लाख क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। सोमवार से खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रविवार को ऐलनाबाद के पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने आढ़तियों के साथ बैठक की और आढ़तियों की समस्या का समाधान जल्द न होने पर प्रदेश की सभी मंडियों को ताले लगाने की चेतावनी भी दी।
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सिरसा जिले में अब तक कुल 29 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। बीते दो दिनों से खरीद कार्य बंद कर उठान कार्य किया जा रहा है। ऐसे में अब तक मंडियों से 18 लाख क्विंटल गेहूं का उठान हो चुका है। जबकि अभी भी मंडियों में 17 लाख क्विंटल गेहूं का उठान होना शेष है। वहीं मौसम में बार-बार परिवर्तन होने के बाद अब आढ़तियों की समस्या भी बढ़ गई है। बीते शुक्रवार को सिरसा में बारिश होने के कारण काफी मात्रा में गेहूं की बोरिया भीग गई थी। जिसके कारण अब आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा और बार-बार बोरियों को धूप में सुखाना पड़ रहा है। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला सिरसा अनाज मंडी में दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने 1 अप्रैल से गेहूं शुरू करवाने के दावे किए। इसी के साथ 72 घंटे में किसानों के खाते में पेमेंट डालने की बात कहीं गई। मंडियों में जल्द ही उठान व किसानों को जल्द पेमेंट नहीं मिली तो प्रदेश भर की मंडियों के इनेलो ताले लगाने का कार्य करेेगी। उन्होंने मंडी में आढ़तियों व किसानों से खरीद कार्य में हो रही परेशानी के बारे में पूछा।
किसानों ने मंडी में किया प्रदर्शन
रविवार को अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे एक किसान का टोकन नहीं कटा तो किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। हालांकि अधिकारी किसानों को रविवार होने व दो दिन की खरीद बंद होने की जानकारी देते रहे । लेकिन इसके बाद भी किसान नहीं माने और धरना दे दिया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने किसानों को शांत किया और वापस भेज दिया।
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किसान दुखी है
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मंडियों में आज अव्यवस्था का आलम है। इससे किसान दुखी है। किसानों को पेमेंट नहीं मिलने से अगली फसल करने में दिक्कतें आ रही है। उन्होंने कहा मंडियों में 50 किलो के बैग में एक किलो ज्यादा गेहूं भरकर लूटने का कार्य किया जा रहा है। सरकारी चाहती है कि किसानों की मंडियों में गेहूं न बिके। इसके बाद अंबानी अडानी बेचने में मजबूर हो जाए। उन्होंने कहा कि किसान खेत में कार्य कर रहा है या तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर बार्डर पर बैठे है। पहले किसानों को कभी आंतकवादी तो कभी चाइना के बताए गये। अब सरकार को पता चल गया है कि असली किसान है जो धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री कोरोना के नाम मानवता के लिए आंदोलन वापस लेने की मांग कर रही है। जबकि दूसरी तरफ भाजपा रैली का आयोजन कर रही है। फिर कोरोना फैला कौन रहा है।
दिग्विजय को बनाना चाहते हैं मंत्री
उन्होंने कहा कि भाजपा व जजपा में बगावत है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले। वह दिग्विजय को मंत्री बनवाना चाहते हैं। इसके बाद ऐलनाबाद विधानसभा चुनाव में उतारने की बात कही जा रही है। ऐसा भी करके देख लें। अब सबको पता चल चुका है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है। यह जनता के बीच आने का रास्ता तलाश रहे हैं। अगर पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की नीतियां पर चलने की बात कहते हैं तो पहले सरकार से समर्थन वापस ले।
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