कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने जिलेभर में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़ अन्य सभी प्रकार की सेवाओं को बंद रखा। भारत बंद का असर जिलेभर में देखने को मिला। किसानों ने रेल, रोड, बसों, बाजार, सब्जी मंडी, अनाज मंडी और अन्य हर प्रकार की प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद रखा। किसानों ने नेशनल हाइवे के साथ लिंक रोड और सिरसा और ऐलनाबाद रेलवे स्टेशन सहित 31 से अधिक स्थानों पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही शहर में प्राइवेट बैंकों को भी किसानों ने बंद करवा दिया। किसान आंदोलन के समर्थन में कोर्ट में वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा।
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक भारत बंद करने का ऐलान किया गया था। जिसको लेकर किसान सुबह छह बजे ही रोड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचना शुरू हो गए। भावदीन टोल प्लाजा पर किसानों ने बैरिकेड लगा आवाजाही को बंद कर दिया। इसके कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान सुबह हिसार रोड स्थित बस स्टैंड समक्ष पहुंचे और यहां पर अवरोधक लगा धरना दे दिया और बसों व अन्य वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। वहीं, शहर के बाबा भूमण शाह चौक और डबवाली रोड स्थित बाबा बंदा सिंह बहादर पर एकत्र हो गए और धरना दे दिया। किसान दिनभर बाजारों में पहुंच दुकानदारों को दुकान बंद रखने की अपील भी करते हुए नजर आए।
फाटक के पास ही रोकी रेवाड़ी-फाजिल्का
सुबह 9:30 बजे हिसार से चलकर सिरसा पहुंची रेवाड़ी-फाजिल्का पैसेंजर रेल को किसानों ने सिरसा के रेलवे फाटक के पास ही रोक लिया और रेल के इंजन पर सवार होकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके पश्चात पुलिस कर्मियों ने किसानों को समझाकर यात्रियों को सुविधा देने के लिए रेलवे स्टेशन तक रेल को पहुंचने की अपील की। इस बात को लेकर किसानों और पुलिस कर्मियों में काफी समय तक बहस भी होती रही। हालांकि बाद में किसानों ने पुलिस कर्मियों की बात मानकर रेल को स्टेशन तक पहुंचने की अनुमति दे दी। ऐसे में किसान भी रेल में सवार होकर स्टेशन पर पहुंच गए और रेल रुकने के बाद इंजन पर चढ़ गए। शाम को ट्रेन लेट होने के कारण रद्द कर दी। दिनभर यात्री रेल चलने का इंतजार करते रहे।
नहीं चलीं सिरसा से रोडवेज बसें
सुबह किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख, भूपेंद्र सिंह वैदवाला, गुरविंद्र सिंह और अन्य किसान नेता बस स्टैंड पर एकत्र हुए। किसानों ने सुबह सात बजे से ही बैरिकेड लगा धरना दे दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नजर आए। दिनभर किसानों के धरने को लेकर चिल्ला साहिब गुरुद्वारा की ओर से लंगर और चाय का भी वितरण किया गया। यात्रियों और आने जाने वाले लोगों को भी सेवादारों ने लंगर वितरित किया।
28 मार्च को किसान कानूनों की प्रतियां फूंक मनाएंगे होली
किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में पक्का मोर्चा धरना स्थल के किसानों ने बाबा भूमण शाह चौक पर प्रदर्शन किया और आवाजाही बंद कर दी। मंत्रियों के आवास के समक्ष भी भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसानों की गतिविधियों पर नजर लगाए रहे। प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि 28 मार्च को होली का दहन के दौरान तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर किसान रोष जताएंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष लखा सिंह अलीकां, सिरसा हलका से प्रधान सुरजीत सिंह बेगू, गुरदीप सिंह बाबा, हरजिंद्र सिंह नानूआना, नवदीप सिंह, सतपाल सिंह, नायब सिंह नंबरदार, कुलवीर सिंह लहंगेवाला उपस्थित रहे।
बाजारों व गांवों की गलियों में पसरा रहा सन्नाटा
किसानों के भारत बंद का आलम ये था कि पूरा दिन शहर के बाजारों व गांवों की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का वाहन ही सड़कों पर नजर आए। लोगों ने भी किसानों के आह्वान पर भारत बंद का पूरा समर्थन किया और किसानों को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
22 मजिस्ट्रेट और 800 पुलिसकर्मी रहे दिनभर तैनात
वहीं भारत बंद के दौरान किसी अप्रिय घटना को देखते हुए शहर के सभी चौक-चौराहों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। जिला प्रशासन की ओर से पहले से ही 22 मजिस्ट्रेट और 800 अतिरिक्त पुलिस जवानों को चौकों पर तैनात कर दिया। पूरे दिन कहीं भी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। पूरा दिन किसानों का बंद कार्यक्रम शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुआ।