संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सोमवार रात टीम पर हुए हमले के बाद नगर परिषद का पशु पकड़ो अभियान फिर बंद हो गया है। इस मामले में नगर परिषद की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। हालांकि नगर परिषद ने पशु पकड़े वाली एजेंसी और परिषद के एसआई से लिखित में डिटेल रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही नगर परिषद की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी।
रानियां रोड पर सोमवार रात पशुओं को पकड़ने गई नगर परिषद की टीम पर बाइक सवार 10 से 15 युवकों ने हमला कर दिया और अपने पशुओं को छुड़वा लिया। हमलावरों को पता लगा कि पशु पकड़ने वाली एजेंसी की अगुवाई पार्षद विक्रम गुर्जर कर रहे हैं, तो सभी उनके घर पहुंचे गए। इस दौरान दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और पत्थरबाजी भी की गई। यहां तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस पक्ष में पार्षद व दूसरे पक्ष की ओर से तो पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन नगर परिषद ने अभी तक कोई शिकायत नहीं दी है। हालांकि इस घटना के बाद नगर परिषद का अभियान बंद हो गया है। इस मामले में नगर परिषद ने पशु पकड़े वाली एजेंसी और परिषद के एसआई से लिखित में डिटेल रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में सड़कों पर घूम रहे 2000 हजार बेसहारा पशु
नगर परिषद क्षेत्र के अंदर करीब 2000 बेसहारा पशु हैं। करीब 1000 दुधारू पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। 200 पशु मालिकों का नगर परिषद पूर्व में नोटिस जारी कर चुका है। इसके बाद भी इन पशु मालिकों ने कोई सुधार नहीं किया है। इस कारण रानियां रोड, मुख्य बाजार, बस स्टैंड, डबवाली रोड, सिविल अस्पताल रोड आदि पर बड़े स्तर पर दुधारू और बेसहारा पशु देखने को मिलते हैं।
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गंदगी खाने वाले पशुओं का दूध बेचा जाता है बाजार
दुधारू पशुओं को सुबह के समय दूध निकालकर डेयरी मालिक छोड़ देते हैं। ये पशु पूरा दिन बाजारों में गंदगी व अन्य चीजें खाते हैं। इससे जहां पशुओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पढ़़ता है, वहीं, इनके दूध में भी हानिकारक बैक्टीरिया पैदा होते हैं। इन पशुओं का हजारों लीटर दूध शहर में बेचा जाता है।
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सोमवार की रात को घटना के वक्त मौके पर मौजूद एसआई और एजेंसी के ठेकेदार से रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही विभाग की ओर से आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
शहर में घूमते हुए प्लास्टिक व अन्य खराब चीजें खाने से दुधारू पशु के दूध की गुणवत्ता कम हो जाती है। इस दूध का निरंतर प्रयोग सेहत के लिए हानिकारक होता है। विभिन्न प्रकार की बीमारियां यह दूध पीने से हो सकती हैं। -डाॅ अमित कुमार, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।