संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव कराने की मांग को लेकर सोमवार को सिख समाज की शहर के दसवीं पातशाही गुरुद्वारा में पंचायत हुई। इसमें चुनाव को लेकर सदस्यों ने विचार रखे और पूर्व में बनी हुई कमेटी के सदस्यों पर निशाना साधा। पंचायत में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने जो कमेटी बनाई है, वह मर्यादा के तहत काम नहीं कर रही। बार-बार गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी के मामले सामने आ रहे हैं। सिख समाज गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता। सिख संगत ने गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में हुई घटना की निंदा की।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुए सिख समाज के प्रतिनिधि लखविंद्र सिंह औलख ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का प्रबंधन सिख समाज की वोटों से चुने सदस्यों को देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एक सितंबर से प्रबंधक कमेटी के चुनाव के लिए सिख समाज के वोट बनाएगी। उन्होंने कहा कि वोट बनाने की शर्त में 10 गुरुओं और 10 गुरुओं की ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब को समर्पित कर ही वोट बनेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी स्वतंत्र धार्मिक संस्था है, इसमें सरकार या किसी अन्य राजनीतिक पार्टी का किसी तरह की दखलअंदाजी नहीं होनी चाहिए।
सिख संगत ने शहर में रोष मार्च निकाला
सिख संगत ने पंचायत के बाद गुरुद्वारा साहिब से लेकर बाबा बंदा सिंह बहादुर चौक तक रोष मार्च निकाला। सिख संगत ने अपनी मांगों को लेकर नायब तहसीलदार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इसके साथ ही एलान किया गया कि तीन सितंबर को कैथल में सिख महापंचायत की जाएगी और विशाल रोष मार्च भी निकाला जाएगा। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में क्रमवार पंचायतें होंगी और रोष मार्च निकाला जाएगा। इस अवसर पर बाबा प्रीतम सिंह मलड़ी, जगदीप सिंह औलख करनाल, अमरजीत सिंह अंबाला, अमृतपाल सिंह करनाल, जसबीर सिंह, बलजिंदर सिंह अंबाला, सुखविंदर सिंह असंध, साहब सिंह संधू, सुखबीर सिंह, हर्षदीप सिंह हिसार, नछत्तर सिंह झोरड़ रोही, शरणजीत सिंह, रविंद्र सिंह फतेहाबाद, अजीत पाल सिंह, गगनदीप सिंह निम्नाबाद उपस्थित रहे।
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बलजीत सिंह दादूवाल पर कटाक्ष करने पर दो पक्षों में धक्कामुक्की
पंचायत में संबोधन के दौरान एक सिख प्रतिनिधि ने बलजीत सिंह दादूवाल पर कटाक्ष कर दिया। इससे पंडाल में बैठा एक युवक रोष में आ गया। यहां पर उसने दादूवाल के खिलाफ बोलने पर रोष प्रकट किया और कहा कि बार-बार किस कारण उनकी निंदा की जा रही है। इसके कारण दोनों पक्षों में धक्कामुक्की भी हो गई। सदस्यों ने उन्हें पकड़ लिया और गुरुद्वारा से बाहर ले आए। इसके बाद मामला शांत हुआ।