सिरसा। मिनी बाईपास पर चतरगढ़पट्टी फाटक के पास मुख्य सीवरेज लाइन बिछाने का काम जारी है। इस काम के चलते 18 दिनों से मिनी बाईपास को आवागमन के लिए बंद किया गया। ऐसे में शुक्रवार को पुरानी सीवरेज लाइन का पानी खोदाई की जगह पर आ गया था। इसके चलते ठेकेदार को परेशानी का सामना करना पड़ा। दो बर्मे लगाकर पानी निकासी का कार्य शनिवार को भी जारी रहा।
वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ रायसिह सिद्धू की मानें तो दो दिनों के अंदर मुख्य लाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि 24 नवंबर को आमजन व वाहनों के लिए रास्ता खोल दिया जाए। उन्होंने बताया कि अभी तक 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुछ हिस्से में लाइन बिछाई जानी है, उसका काम भी पूरा हो जाएगा।
चार नवंबर से जन स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी की ओर से सीवरेज लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया है। इस काम को 18 दिन का वक्त हो गया है और आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के दावों पर यकीन करते तो 20 दिन बाद मिनी बाईपास पर वाहनों को आवागमन नियमित रूप से शुरू हो गया। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों को उम्मीद थी कि एक सप्ताह के अंदर यह काम पूरा हो जाएगा।
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पांच दिन पहले दोपहिया वाहन के लिए खोला था रास्ता
ठेकेदार की ओर से पांच दिन पहले दोपहिया वाहनों के लिए रास्ता बना दिया गया था, ताकि 10 हजार वाहन चालकों को फायदा हो सके। जब एडीसी विरेंद्र सहरावत मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया तो उन्होंने ठेकेदार को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि रात व दिन के समय दोपहिया वाहन चालकों का कोई हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। एडीसी की फटकार के बाद दोपहिया वाहनों का रास्ता भी बंद कर दिया गया है। हालांकि, अभी दोपहिया वाहन चालक रेलवे लाइन के साथ जलघर के पीछे से निकल रहे हैं।
बाजारों में जाम लगने से होती है लोगों को परेशानी
चतरगढ़पट्टी फाटक से 40 से 50 हजार वाहन गुजरते हैं। इनमें 10 हजार के करीब भारी वाहन होते हैं, जो शहर के बाईपास से गुजारे जा रहे हैं। वहीं अन्य वाहन शहर के बीचों बीच से गुजर रहे हैं और बसों का भी यही रूट बना हुआ है। इस कारण शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। खासतौर सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लोगों को जाम से परेशान होना पड़ता है। स्कूलों की छुट्टी के समय सबसे ज्यादा वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-हमारा प्रयास है कि 24 नवंबर से पहले काम पूरा कर रास्ता शुरू कर दिया जाए। 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पुरानी लाइन का पानी आने से कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा है।
- रायसिंह सिद्धू, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग।