सिरसा। जिले में कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित स्टूडेंट ग्रुप असेसमेंट के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। अब यह मूल्यांकन पूर्व निर्धारित तिथि के स्थान पर 29 और 30 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से यह निर्णय शिक्षकों और विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से लिया गया है।
हाल ही में शिक्षकों से मिले फीडबैक और स्कूल स्तर पर सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए असेसमेंट की तिथियों में संशोधन किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों का मूल्यांकन दो अलग-अलग दिनों में किया जाएगा, जिससे न केवल आकलन प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगी, बल्कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव भी नहीं पड़ेगा।
अब कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों का आकलन दो अलग-अलग दिनों में किया जाएगा। 29 दिसंबर को भाषा विषय का आकलन होगा, जबकि 30 दिसंबर को गणित विषय से संबंधित दक्षताओं की जांच की जाएगी। भाषा के आकलन में हिंदी विषय के अंतर्गत वर्ण पहचान, शब्द पहचान, वाक्य व अनुच्छेद पढ़ने और समझने से जुड़ी दक्षताओं को परखा जाएगा। वहीं गणित विषय के आकलन में संख्या पहचान, जोड़, घटाव व गुणा से संबंधित बुनियादी गणितीय क्षमताओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
प्रक्रिया पूरी तरह रहेगी ऑनलाइन
मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी। यह आकलन निपुण हरियाणा टीचर एप पर उपलब्ध टूल्स के माध्यम से किया जाएगा। पर्यवेक्षक और शिक्षक लॉगिन आईडी के माध्यम से एप पर डेटा प्रविष्ट करेंगे। सभी कक्षा शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनकी लॉगिन क्रेडेंशियल्स सक्रिय हों और छात्र डेटा समय पर एप पर अपडेट किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए। पर्यवेक्षकों की तैनाती के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त सूची के अनुसार ही विद्यालयों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इस कार्य के लिए टीजीटी अथवा पीजीटी शिक्षकों की ड्यूटी निर्धारित की गई है और उन्हें इस अवधि में कोई अन्य कार्य आवंटित नहीं किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक क्लस्टर में अतिरिक्त पर्यवेक्षकों को रिजर्व में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर व्यवस्था बाधित न हो।
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इस प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से लागू किया गया है। मूल्यांकन के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी। यह आकलन छात्रों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और इससे शिक्षा की गुणवत्ता में दीर्घकालिक सुधार संभव हो सकेगा। -
डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन, सिरसा।