सिरसा। प्रदेश स्तर पर 6 साल बाद चंडीगढ़ की टीम सैंपल सर्वे कर रही हैं। दो मार्च से सर्वे का काम शुरू हुआ था जो अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। 31 अक्तूबर तक सर्वे का काम पूर्ण हो जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर सिरसा के 6 गांवों और 4 वार्डों के आधार पर जिले का आकलन किया जाएगा। पूरे जिले की स्वास्थ्य रिपोर्ट बनाई जाएगी। वहीं, सर्वे का मुख्य आधार है कि वर्ष 2017-18 के सर्वे के बाद अब मनुष्य के खानपान और पर्यावरण का शरीर पर क्या असर आया है। कौन सी बीमारियां हो रही हैं और कौन सी नई बीमारियां सामने आई हैं। इन्हीं नई बीमारियों का समय रहते हुए रोकथाम पर सरकारी तंत्र काम करेगा।
टीम के अधिकारियों के अनुसार सिरसा के गांव बालासर, लहंगेवाला, मौजूखेडा, गदराना, चतरगढ़पट्टी, बुढाभाणा का सर्वे किया गया है। इसके साथ साथ ऐलनाबाद के वार्ड 6, वार्ड 10 और डबवाली के 3 और 12 का सर्वे टीम कर रही है। गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है और दो वार्ड का सर्वे का काम अभी अधूरा है। जो 31 अक्तूबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस जांच के तहत गैर संचारी रोगों जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, कैंसर, हेपेटाइटिस बी की जांच भी टीम करती है।
यह है मापदंड
टीम के द्वारा एक एरिया में 37 घरों को चयनित किया जाता है। इन घरों का तीन स्तर पर सर्वे होता है। पहले स्तर पर डेमोग्राफी इन्फॉरमेशन प्राप्त की जाती है। 15 सवालों के जवाब लिए जाते हैं। उसके उपरांत व्यक्तियों का शारीरिक मापदंड जांचा जाता है। इसके उपरांत 37 घरों में 19 सैंपल बायोकेमिकल टेस्टिंग को लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ पीजीआई भेजे जाते हैं। इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाती है।
प्रचलित बीमारियों की होती है जांच
सर्वे सुपरवाइजर ने बताया कि वर्ष 2017- 2018 में पहले सर्वे किया गया था। उस समय प्रचलित व नई पनपने वाली बीमारियों की रिपोर्ट तैयार हुई थी। उसी तरह अब वर्ष 2025 में सर्वे किया जा रहा है ताकि प्रचलित और नई पनपने वाली बीमारियों का डाटा तैयार किया जा सके। दोनों सर्व रिपोर्ट का मिलान चंडीगढ़ पीजीआई में किया जाएगा। उसके आधार पर एक विशेष रिपोर्ट तैयार होगी। इस प्रक्रिया का स्टेप सर्वे हरियाणा का नाम दिया गया है। इस सर्वे को करने के लिए दो टीमों को फील्ड में भेजा गया था। सुपरवाइजर हिमांशु और सुपरवाइजर पीयूष रंजन पात्रा की अगुवाई में सर्वे किया गया है।
ट्रेंडिंग बीमारियां और नई पनपने वाली बीमारियों का बायोमेडिकल टेस्टिंग से लगाया जा रहा है। यह स्टेप सर्वे है और तीन चरणों में किया गया है। आखिरी चरण में सैंपल लेकर चंडीगढ़ पीजीआई भेजे गए हैं, जहां पर रिपोर्ट तैयार हो रही है। सिरसा जिले का सर्वे लगभग फाइनल हो चुका है।
-हिमांशु, सर्वे सुपरवाइजर, चंडीगढ़ पीजीआई