सीडीएलयू को सरकारी ग्रांट पर आयकर विभाग की ओर से 16 करोड़ रुपये के जुर्माने का नोटिस दिया गया है। इस नोटिस का जवाब देने के लिए सोमवार को सीडीएलयू के चीफ एकाउंट ऑफिसर, सीए सहित एक तीन सदस्यीय टीम ने चंडीगढ़ आयकर विभाग में जवाब दायर किया। जानकारी अनुसार सीडीएलयू ने अपने जवाब में सरकारी ग्रांट पर इंकम का नोटिस जारी करने पर सवालिया निशान लगाया है। सीडीएलयू को करीब 20 दिन पहले आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस के तहत कहा गया था कि सीडीएलयू को बार-बार आय से संबंधित ब्यौरा प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजे गए। मगर लंबी समय निकल जाने के बाद सीडीएलयू की ओर से इस दिशा में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर विश्वविद्यालय को 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जाता है और इस मामले में अपनी आपत्ति एवं जवाब दाखिल करने के लिए 3 फरवरी अंतिम तिथि है। सीडीएलयू के रजिस्ट्रार डॉ. राकेश वधवा पिछले एक सप्ताह पर अवकाश पर थे। लेकिन आयकर विभाग ने नोटिस रजिस्ट्रार के नाम पर जारी किया था। रजिस्ट्रार की गैरमौजूदगी में प्रो. विक्रम सिंह को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। इस नोटिस के बारे में जैसे ही प्रो. विक्रम सिंह को पता चला तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वीसी को दी। इसके पश्चात उन्होंने यूनिवर्सिटी की अकाउंट ब्रांच के अधिकारियों को भी नोटिस के बारे में सूचित किया। वीसी ने फाइनेंस एवं अकाउंट विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में जहां जवाब दाखिल करने को लेकर निर्णय लिया। इसके साथ ही एक पेनल गठित कर चंडीगढ़ जाने को कहा गया।
पेनल ने नोटिस पर जवाब दायर किया: डॉ. राकेश वधवा
चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय की ओर से गठित एक पेनल चीफ एकाउंट ऑफिसर देवेंद्र मेहता के नेतृत्व में सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचा है। इस पेनल ने विभाग की ओर से जारी किए गए नोटिस पर अपना जवाब दायर किया है। यदि विभाग फिर भी इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और जारी किए गए नोटिस की कार्रवाई को सही माना तो सीडीएलयू इसके खिलाफ ट्रिब्यूनल में जाएगा। -डॉ. राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू।