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फीस रिफंड : दाखिले के समय ज्यादा ली गई फीस विभाग ने कॉलेज खाते में डाली

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राजकीय महिला महाविद्यालय में एडमिशन के समय ली गई अधिक फीस को छात्राओं को लौटाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने उसने बैंक एकाउंट की जानकारी मांगी है। करीब 1874 छात्राओं को फीस वापस करने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने करीब 8 लाख 12 हजार 204 रुपये की राशि कॉलेज खाते में डाली है। बता दें कि एडमिशन के समय उच्च्तर शिक्षा विभाग ने एडमिशन फीस में वृद्धि कर दी थी, लेकिन विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया, तब उच्चतर शिक्षा विभाग ने अधिक फीस रिफंड करने का नोटिफिकेशन जारी किया था।
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वीरवार को कॉलेज प्रशासन ने 50 विद्यार्थियों की सूची बैंक को सौंपी है, ताकि फीस रिफंड की राशि छात्राओं के खातों में डाली जा सकें। परीक्षाओं के चलते कॉलेज प्रशासन फीस रिफंड संबंधित नोटिस चस्पा कर विद्यार्थियों को सूचित कर रहा है ताकि सभी विद्यार्थी अपना खातों की सही जानकारी दे कर फीस का रिफंड अपने खातों में डलवा सकें।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने बढ़ी हुई फीस बढ़ोतरी के लिए कॉलेजों के खातों में नवंबर माह में ही राशि डालनी शुरू कर दी थी। लेकिन राजकीय महिला महाविद्यालय को यह राशि दिसंबर माह में प्राप्त हुई। जिसके बाद दूसरे कॉलेजों को फीस रिफंड करने में कई मुश्किलें आ रही थी। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने फीस रिफंड करने में आ रही परेशानी को देखते हुए सभी छात्राओं के बैंक खातों को जांचने व उसके बाद सूची बना कर बैंक भेजने का निर्णय लिया। जिसके लिए कॉलेज प्रशासन कक्षाओं के आधार पर विद्यार्थियों की सूची तैयार कर कर बैंक को भेजेगा। ताकि छात्राओं की फीस रिफंड की जा सकें। वहीं नेशनल कॉलेज में फीस रिफंड के लिए नवंबर माह में ही विद्यार्थियों की सूची जारी कर दी थी लेकिन विद्यार्थियों के खातों की समस्या के चलते करीब 630 विद्यार्थियों की फीस रिफंड नहीं हो सकी। कॉलेज प्रशासन द्वारा नोटिस जारी कर उन विद्यार्थियों के बैंक खातों की सही जानकारी मांगी गई। ताकि सूची देकर बैंक खातों को अपडेट किया जा सके।
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बैंक खातों में सामने आ रही है परेशानियां
नोडल अधिकारी शिवानी ने बताया कि फीस रिफंड करने के लिए पहले सभी छात्राओं के बैंक खाते जांचे जा रहे हैं, ताकि राशि का भुगतान किसी गलत खाते में ना हो। लेकिन छात्राओं के खाते जांच कर पता चल रहा है कि अधिकतर छात्राओं के खाते सही नहीं है। नोडल अधिकारी शिवानी ने बताया कि अधिकतर छात्राओं के खाते फ्रोजन, ज्वाइंट खाते या फिर किसी अन्य व्यक्ति के खाता दे रखा है। जिसके चलते खातों में राशि नहीं डाली जा सकी। कॉलेज प्रशासन छात्राओं को अपना खाता नंबर देने के लिए सूचि लगा रहा है, ताकि सही खातों में राशि जमा हो सके।
फीस रिफंड के लिए छात्राओं की सूची तैयार की जा रही है। सभी छात्राओं के बैंक खातों को दोबारा जांचा जा रहा है। ताकि फीस रिफंड करने में कोई परेशानी ना हो।
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- शिवानी, नोडल अधिकारी, राजकीय महिला महाविद्यालय।
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