संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौटाला में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति से क्षेत्र के लोगों में रोष है। केंद्र में खून की जांच के लिए लगी सीबीसी मशीन पिछले लगभग एक महीने से खराब है। मशीन की वायरिंग सड़ चुकी है। उसके कई जरूरी पार्ट्स भी खराब हो चुके हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक मशीन को ठीक कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
किसान नेता राकेश फागोड़िया व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि सीबीसी मशीन बंद होने से मरीजों को सामान्य रक्त जांच के लिए भी निजी लैबों का सहारा लेना पड़ रहा है। चौटाला और आसपास के गांवों के गरीब किसान-मजदूरों पर इसका सीधा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जहां सरकारी अस्पताल में यह जांच नाममात्र शुल्क या निशुल्क होती है, वहीं, निजी लैबों में उन्हें मोटी रकम चुकानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही करार दिया है। स्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस सेवा भी बंद पड़ी है।
आरोप है कि अस्पताल को उपलब्ध एंबुलेंस वापस ले ली गई है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार गंभीर मरीजों को निजी वाहनों या महंगे साधनों से दूर के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है, जिससे जान का खतरा भी बना रहता है।