सिरसा। सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनाएं सिर्फ नेताओं के नारों तक ही सिमट कर रह जाती है। हकीकत में कर्मचारियों की हीलाहवाली के चलते ये योजनाएं मूर्त रूप नहीं ले पाती। ऐसा ही मामला है राजस्थान की रहने वाली विवाहिता संजू का है।
राजस्थान के गंगानगर की रहने वाली विवाहिता संजू रानी पिछले दो माह से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों चक्कर काट रही है। जाति प्रमाण पत्र न बनने के कारण उसकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है। जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अधिकारी कभी गंगानगर तो कभी सिरसा में तहसील कार्यालयों में भेज दिया जाता है। अब फिर से सिरसा तहसील से उसे वापस गंगानगर तहसील भेज गया है। गंगानगर के तहसीलदार ने उसका फार्म अपने पास रख लिया और वापस देने से मना करते हुए चले जाने को कहा। दरअसल सिरसा के गॉव केलनिया की रहने वाली संजू रानी का विवाह राजस्थान के गंगानगर में हुआ था। संजू रानी ने अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गंगानगर जिले की तहसील में आवेदन दिया। संजू रानी का आरोप है कि वहां के अधिकारियों ने उसे कहा कि उसका जाति प्रमाण पत्र सिरसा तहसील में बनेगा। जिसके बाद वो सिरसा पहुंची और उसने यहां तहसील में आवेदन दिया तो सिरसा तहसील के अधिकारियों ने उसे जानकारी दी की जहां उसका विवाह हुआ है उस जिले में ही जाति प्रमाण पत्र बनाया जाता है।
उधर सिरसा के तहसीलदार मनमोहन सिंह ने बताया कि लड़की की जब शादी हो जाती है तो जाति प्रमाण पत्र वही का बनता है जहा उसकी शादी हुई हो। राजस्थान में क्यों नहीं बनाया जा रहा, इसकी उनको कोई जानकारी नहीं है।