सिरसा। गृहमंत्री अनिल विज द्वारा जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में दिए गए आदेश के बाद नाथूसरी चोपटा थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में जांच कर्ता हेड कांस्टेबल सूबे सिंह व मृतक के मामा चांदराम के खिलाफ सबूत खुर्द बुर्द करने व पुलिस को गुमराह करने के मामले में अभियोग दर्ज किया है। अब मामले की जांच उपनिरीक्षक मनीष करेंगे।
वर्णनीय है कि बीती 18 नवंबर 2010 को गांव गंजा रूपाणा निवासी लड़की सोनू की मौत हो गई थी। इस मामले में चौपटा थाना पुलिस ने इत्तफाकिया मौत होने का मामला दर्ज किया था। बाद में लड़की के दादा राम कुमार ने मामले की जांच की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने करीब पांच साल के बाद 19 दिसंबर 2015 को हत्या का मामला दर्ज किया था। इत्तफाकिया मौत मामले में जांच कर रहे हेड कांस्टेबल ने वारदात के दौरान घटनास्थल से प्रयोग की गई चुन्नी को कब्जे में लेने के बावजूद चोपटा थाना के मालखाना में जमा न करवाकर सबूत को खुर्द बुर्द कर दिया। वहीं, मृतका लड़की सोनू के मामा चांदराम निवासी निर्बाण ने इस वारदात के बारे में पुलिस को गलत सूचना व बयान देकर गुमराह किया। लड़की की मौत के समय मृतका के मामा चांदराम ने पुलिस को बताया था कि पीड़िता की मौत हार्ट अटैक से हुई है, जबकि मृतका सोनू की लाश के पोस्टमार्टम के बाद आई रिपोर्ट में चिकित्सकों ने उसकी मौत का कारण हेंगिंग बताया था। गृह मंत्री की बैठक के बाद अब पुलिस ने उक्त दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।