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रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल टूटी, 90 एकड़ भूमि जलमग्न, किसानों ने संभाला मोर्चा

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रताखेडा माइनर टूटी हुई। - फोटो : Sirsa
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ओढां। घग्गर से निकाली गई रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल भागसर के निकट से मंगलवार रात को टूट गई। इससे किसानों की करीब 90 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। सूचना पाकर विभाग के जेई ने मौके पर पहुंचकर मुख्य बांध से पानी बंद करवाकर टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू करवाया। चैनल के टूटने के बाद किसानों ने भी अपने ट्रैक्टरों से मिट्टी डालकर टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू किया। इस कार्य में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही भी देखने को मिली। सूचना मिलने के बाद बुधवार बाद दोपहर जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची। तो किसानों ने रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खरीफ चैनल हर बार इसी जगह से टूटती है, लेकिन विभाग की ओर से समय रहते इसके तटबंध मजबूत नहीं करवाए गए। इससे उनकी फसलें बर्बाद होती हैं। विभाग की ओर से जेसीबी काफी देर से भेजे जाने के चलते देर रात्रि तक कार्य पूरा नहीं हो पाया।
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जानकारी के अनुसार गांव भागसर से खुईयां नेपालपुर रोड पर मंगलवार मध्य रात्रि खरीफ चैनल के एक तटबंध में दरार आ गई। इससे किसानों की करीब 90 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। चैनल टूटने का पता किसानों का मंगलवार अलसुबह लगा तो उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद जेई मान सिंह ने चामल बांध से पानी बंद करवाकर मजदूरों की सहायता से टूटे हिस्से पर काबू पाने की कोशिश की। इस कार्य में किसानों ने अपने स्तर पर विभाग को 4 ट्रैक्टर मुहैया करवाए। किसानों ने बताया कि खरीफ चैनल में 2 जगह पर करीब 100 फुट में कटाव हुआ है। जिससे उनकी करीब 90 एकड़ नरमे व ग्वार की फसल जलमग्न हो गई। उन्होंनेे बताया कि ये चैनल हर बार इसी जगह से टूटती है लेकिन विभाग की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता जिसके चलते उनकी फसल बर्बाद होती है। इस कार्य में विभागीय लापरवाही भी देखने को मिली। मौके पर मौजूद जेई राहुल कुमार ने अपनी अन्य जगह ड्यूटी होने का तर्क देते हुए कहा कि जेसीबी मशीन बुलाई गई है। बाद दोपहर 2 बजे जेसीबी पहुंचने के बाद टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू किया गया। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग द्वारा मात्र एक जेसीबी मशीन मुहैया करवाकर औपचारिकता निभाई गई है। ये मशीन बाद दोपहर मौके पर पहुंची। उससे पहले किसान अपने स्तर पर ट्रैक्टरों द्वारा काफी हद तक मिट्टी डाल चुके थे।
बॉक्स :-
चैनल के टूटने की सूचना हमें मंगलवार अलसुबह मिली थी। हमने करीब 20 मजदूर व 4 ट्रैक्टर लगा रखे हैं। जेसीबी को भी सूचना दी गई है। किसानों के ट्रैक्टरों का जो भी खर्च होगा वो विभाग वहन करेगा। पानी बंद होने के कारण तटबंध मजबूत बनाए जाएंगे ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। जेसीबी द्वारा टूटे हिस्से को पाटने का कार्य किया जा रहा है।
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मान सिंह, जेई, नहरी एवं सिंचाई विभाग
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