सिरसा। लघु सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को एनीमिया मुक्त भारत के तहत एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान जिले में 31 जुलाई तक चलने वाले एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरूआत की गई। एडीसी ने कहा कि इस अभियान में सभी विभागों को तालमेल के साथ काम करना होगा और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाना होगा।
अभियान के तहत आयु वर्ग 6-59 महीने के बच्चे, 5-9 साल के बच्चे, 10-19 साल के किशोर- किशोरी, महिलाएं, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को शामिल किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र भादू ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में पानी और फलों का सेवन करना भी आयरन की कमी से बचने में मदद कर सकता है।
उन्होंने बताया कि किसी को आयरन की कमी से संबंधित समस्याएं है तो उन्हें तुरंत चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए। वहीं उप सिविल सर्जन (एनएचएम) डॉ. राजेश चौधरी ने अधिकारियों से अपील की कि इस कार्यक्रम में सभी अधिकारी स्वास्थ्य विभाग का पूरा सहयोग दें, ताकि एनीमिया को जड़ से खत्म किया जा सके।
एनीमिया मुक्त भारत की नोडल अधिकारी डॉ. आशा जिंदल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने एनीमिया मुक्त हरियाणा की शुरूआत की है। इसमें विभिन्न आयु समूह में एनीमिया की रोकथाम और उपचार पर ध्यान दिया जाएगा। डॉ. आशा जिंदल ने बताया कि 11 ग्राम से कम एचबी पाए जाने वाले व्यक्ति को एनीमिया की श्रेणी में रखा जाएगा।
सात ग्राम से कम एचबी पाए जाने पर गंभीर एनीमिया की श्रेणी में रखा जाएगा। बैठक में पीओ-आईसीडीएस सुदेश कुमारी, उप सिविल सर्जन डॉ. संदीप सिंह, डॉ. भारत भूषण मित्तल, बीईओ कृष्ण लाल, बीईओ राजकुमार, बीईओ विजय कुमार, बीईओ विक्रमजीत आदि अधिकारी मौजूद रहे।