सिरसा। पिछले कई महीनों से ट्रेनों में चोरी करना पेशा बना चुके शातिर चोरों के गिरोह को जीआरपी ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। जीआरपी ने गिरोह के सरगना और एक गुर्गे को धरदबोचा है। इनके पास से छह मोबाइल और 15 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है। पकड़े गए चोर अब तक दिल्ली जाने वाली हरियाणा व किसान एक्सप्रेस रेलगाड़ी में सैकड़ों चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके है। मंगलवार दोपहर को रेलवे पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने गिरोह का सरगना हांसी निवासी राजबीर को पुलिस रिमांड में जबकि गिरोह के सदस्य विशाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रेलवे थाना प्रभारी सकतर सिंह का कहना है कि इस गिरोह में छह से दस लोग शामिल हैं। रिमांड अवधि में सरगना से गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछा जाएगा। इसके अलावा गिरोह कितने यात्रियों को अपना शिकार बना चुका है इस बारे मेें पूछताछ होगी।
रूट सिलेक्ट करके ट्रेन में चढ़ते थे
जीआरपी को कड़ी पूछताछ के बाद पता चला कि ये गिरोह छह से दस लोगों के ग्रुप में चलता है। वारदात को अंजाम देने के लिए पहले स्टेशन पर पहुंचते हैं। यहां से वे जिस रूट पर वारदात को अंजाम देना है, उस रूट के लिए विभिन्न स्टेशनों का टिकट खरीदते हैं। इसके बाद ट्रेन पर यात्रियों को देखते है। जब उन्हें समझ में आ जाता है किस यात्री के पास माल है तो कुछ लोग उस यात्री के चारों ओर खड़े हो जाते या फिर बैठ जाते हैं। इसके बाद यात्री को अपनी बातों में उलझाया जाता है, इसी दौरान उनके अन्य साथी सूटकेश, मोबाइल व जेब काटकर रुपये निकाल लेते हैं। इसके बाद अगले स्टेशन उतारकर वापस अपने ठिकाने पर चले जाते हैं। ठिकाने पर माल का बटवारा करके अलग-अलग हो जाते हैं। इस गिरोह ने अधिकांश वारदातों को सिरसा से दिल्ली रूट पर चलने वाली रेलगाड़ी में अंजाम दिया है।
ऐसे आया गैंग सरगना पकड़ में
सिरसा जीआरपी ट्रेनों में चोरी हुए मोबाइल के नंबर सवीलॉसर पर लगा रखे थे। चोरीशुदा मोबाइल ऑन हुआ तो पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चल गया। जीआरपी की टीम एसआई धर्मवीर के नेतृत्व मेें हांसी पहुंची। मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे शख्स को पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्त में आए शख्स की पहचान राजवीर के रूप में हुई। पूछताछ में ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग का पर्दाफाश हो गया। गैंग के सरगना ने इसमेें शामिल लोगों के बारे में पुलिस को बता दिया।
तीन महीने से था सक्रिय
ये शातिर चोर ट्रेनों में एक साथ होकर चढ़ते थे और यात्रियों के बैग, सूटकेस, मोबाइल व पर्स पर हाथ साफ कर देते थे। तीन महीने से ये गिरोह सिरसा से दिल्ली जाने वाली हरियाणा एक्सप्रेस व किसान एक्सप्रेस वारदातों को अंजाम देता आ रहा है। सरगना राजबीर से छह मोबाइल मिले हैं, रिमांड अवधि के बाद गिरोह में शामिल अन्य लोगों के पते व अब तक किए अपराधों के बारे में पूछा जाएगा। -सकतर सिंह, इंचार्ज जीआरपी, सिरसा।