सिरसा। टायरों की किल्लत से सिरसा बस डिपो की रफ्तार थमने लगी है। सड़कों पर दौड़ती बसें आए दिन बीच रास्ते दम तोड़ रही हैं, तो नई टायरों की बाट जोहती कई बसें यार्ड में खड़ी हैं। बसों के ब्रेकडाउन और परिचालन में आ रही बाधाओं का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के वीरवार को सिरसा डिपो के प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि टायर उपलब्ध नहीं होने से प्रदेशभर में प्रतिदिन सैकड़ों बसें खड़ी रह जाती हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिवहन व्यवस्था में सुधार के दावे तो करती है, लेकिन बसों के संचालन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं करवा रही।
यूनियन की डिपोस्तरीय बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार किलोमीटर स्कीम के संचालकों को कोरोना काल के 50 करोड़ रुपये का भुगतान कर सकती है लेकिन रोडवेज बसों के लिए टायर खरीदने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि 16 जून को यूनियन के साथ हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन उन पर अब तक अमल नहीं हुआ।
यूनियन ने सिरसा रोडवेज जीएम को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से बसों के संचालन के लिए पर्याप्त टायर उपलब्ध करवाने, लंबित मांगों को लागू करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन आंदोलन करने को मजबूर होगी।
बैठक में सचिव सतपाल सिंह रानियां, कोषाध्यक्ष कृष्ण माचरा, वरिष्ठ उपप्रधान धर्म सिंह सहारण, उपप्रधान संतलाल बिश्नोई सहित डिपो, ब्लॉक और सर्कल स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
12 साल से बोनस नहीं मिलने का आरोप
चाहर ने कहा कि चालक और परिचालक दिन-रात यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में जुटे रहते हैं लेकिन कर्मचारियों को पिछले 12 साल से बोनस का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने हिट एंड रन कानून, रोड सेफ्टी बिल और लेबर कोड को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि इनसे कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।