भाजपा सरकार की ओर से बस भाड़े में की गई की वृद्धि की कड़ी भर्त्सना करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसे तानाशाही नीति करार देते हुए इस फैसले का वापस लेने की मंाग की है।
बसों का किराया बढ़ाकर भाजपा सरकार ने महंगाई की आग में झुलस रही जनता को एक और तगड़ा झटका दिया है। रोडवेज बस अड्डा परिसर में दिल्ली-चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाए जाने से जनता पहले ही परेशान चल रही थी। ऊपर से सब्जियों के रेट बढ़ गए। बिजली के बिलों में भी बढ़ोतरी कर दी गई।
खुद को जनहितैषी बताने वाली भाजपा सरकार की सच्चाई अब सामने आ गई है। बस किराया बढ़ाकर एक बात तो साफ हो गई है कि यह आम आदमी की सरकार नहीं। जनता ने यह सोच कर भाजपा को देश व प्रदेश की बागडोर सौंपी थी कि वह आम आदमी के हित का पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के जनविरोधी निर्णय इसी तरह जारी रहे तो जनता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएगी। इस मौके पर संजय चांवरिया, सज्जन कुमार, हंसराज धानक आदि उपस्थित थे।
हरियाणा कांग्रेस के प्रांतीय महासचिव नवीन केडिया ने प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा बस भाड़े में की गई की वृद्धि की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे तानाशाही नीति बताया है। केडिया ने इस तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता पहले ही बिजली निगम द्वारा बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी से परेशान है और अब सरकार ने बस भाड़ा बढ़ाकर उनकी परेशानी को बढ़ा दिया है।
केडिया ने कहा कि बढ़ रही महंगाई से जूझ रही जनता के जख्मों पर नमक छिडक़ कर सरकार ने दर्शा दिया है कि उसे आमजन से कोई मतलब नहीं है। सरकार को घाटे में चल रही रोड़वेज में पनप रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना चाहिए, जबकि सरकार का इस ओर कोई ध्यान ही नहीं है। पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा करके सत्ता में आई भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया है। कांग्रेस नेता ने भाजपा को जन विरोधी व कर्मचारी विरोधी करार देते हुए कहा है कि इस सरकार से तुगलकी फरमानों से प्रदेशवासी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे है।