बरनाला रोड पर मक्कड़ स्वीट्स वाली गली में साई गर्ल्स पीजी में रह रही थी
मृतका के पास नहीं मिला सुसाइड नोट, पुलिस के अनुसार, पढ़ाई के तनाव में थी
सुबह नौ बजे नाश्ता कर सहेलियों के साथ सीडीएलयू गई थी, आधे घंटे बाद पीजी लौटी और खुद को कमरे में बंद कर लिया
कुक ने खिड़की से देखा तो फंदे पर लटकी मिली, पुलिस ने पहुंचकर तोड़ा गेट का ताला
पिता पुलिस थाने में हैं स्पेशल पुलिस ऑफिसर
फोटो 18 ,19
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने बुधवार सुबह खुदकुशी कर ली। छात्रा का शव उसके पीजी के कमरे में फंदे पर लटका मिला। मृतका 22 वर्षीय मीनाक्षी निवासी गांव खैरा जिला मानसा की रहने वाली थी। वह सीडीएलयू में बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थी।
घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि छात्रा पढ़ाई को लेकर मानसिक रूप से परेशान थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी पिछले एक साल से सिरसा के बरनाला रोड स्थित मक्कड़ स्वीट्स वाली गली में साई गर्ल्स पीजी में रह रही थी। बुधवार सुबह करीब 9 बजे मीनाक्षी ने पीजी में खाना खाया और यूनिवर्सिटी जाने के लिए निकली, लेकिन कुछ देर बाद ही वह लौट आई और अपने कमरे में चली गई। इसके बाद उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया।
करीब साढ़े दस बजे पीजी की कुक ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से मीनाक्षी की आवाज नहीं आई। इसके बाद कुक ने खिड़की से देखा तो मीनाक्षी पंखे से फंदे पर लटकी हुई थी। उसने अपनी चुन्नी से फंदा लगाया था। इसके बाद कुक ने शोर मचाया तो पीजी मालिक व गली वासी पीजी पहुंचे। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस कमरे के गेट का ताला तोड़कर अंदर पहुंची। पुलिस मीनाक्षी के शव व कमरे की जांच की, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
इस संबंध में थाना प्रभारी सिविल लाइन सिरसा प्रदीप कुमार ने बताया कि छात्रा मीनाक्षी ने मानसिक तनाव के चलते फंदा लगाकर खुदकुशी की है। पुलिस को मीनाक्षी के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है। पिता के बयान पर पुलिस ने इस मामले में इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई की है। शाम को शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया।
मोबाइल व डायरी को कब्जे में लिया
पुलिस ने कमरे से मीनाक्षी की डायरी और मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर पीजी में रह रही अन्य छात्राओं से पूछताछ की, लेकिन किसी को ऐसी किसी बात का पता नहीं था कि जिससे वह इतनी परेशान थी। मौके पर पड़ताल करने पर सब इंस्पेक्टर रोहताश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मीनाक्षी पढ़ाई के दबाव से मानसिक रूप से परेशान रहती थी।
दो सहेलियों के साथ रूम नंबर तीन में रहती थी मीनाक्षी
जिस साई गर्ल्स पीजी में मीनाक्षी ने खुदकुशी की, वहां पर उसके अलावा 11 अन्य छात्राएं रहती हैं। इस पीजी में पांच कमरे है। मीनाक्षी अपनी दो और सहेलियों के साथ रूम नंबर तीन में रहती थी। इस पीजी के सामने ही बॉयज पीजी भी है। गली वालों ने बताया कि इस गली में कुल पांच पीजी हैं। सभी बिना लाइसेंस के खुले हैं।
थाने में एसपीओ तैनात हैं पिता
छात्रा मीनाक्षी के पिता सेवानिवृत्त फौजी हैं। वह सिविल लाइन थाने में एसपीओ के पद पर तैनात हैं। मीनाक्षी को जिस भी चीज की जरूरत होती वह पिता से पीजी में मंगवा लेती थी। मीनाक्षी की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। उसकी बड़ी बहन व छोटे भाई का रो-रोकर बुरा हाल है।