सिरसा। रामनगरिया स्थित शिव बर्तन फैक्टरी में हुई मजदूर की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी बृजमोहन ठाकुर को हत्या का दोषी करार दिया है। दोषी की सजा का फैसला 25 मार्च को सुनाया जाएगा। अहम बात यह है कि इस हत्याकांड का कोई भी चश्मदीद नहीं था। इसके अलावा केस से जुड़े गवाह भी अपने बयान से मुकर गए थे।
लोक अभियोजक पलविंदर सिंह ने बताया कि न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने मामले की तमाम परिस्थितियों को देखते हुए अपने विवेकाधिकार के तहत आरोपी को दोषी करार दिया है। इस मामले में शहर थाना पुलिस ने मई 2022 में अभियोग दर्ज किया था। मामले के अनुसार, बिहार के जिला मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद अरमोज सिरसा के रामनगरिया स्थित शिव बर्तन फैक्टरी में काम करता था।
उसका साला मोहम्मद रहमत निवासी जिला पूर्वी चंपारण बिहार भी इसी फैक्टरी में काम करता है। 24 मई 2022 की रात को मोहम्मद अरमोज का फैक्टरी में काम करने वाले बृजमोहन ठाकुर निवासी मोतिहारी बिहार से झगडा हो गया। साथी मजदूरों ने दोनों को छुड़वा दिया। 29 मई 2022 को सभी मजदूर खाना खाकर सो गए। मोहम्मद अरमोज खाना खाकर फैक्टरी की दूसरी मंजिल की छत पर जाकर सो गया था।
अगले दिन सुबह 5 बजे एक मजदूर ने मोहम्मद रहमत को बताया कि मोहम्मद अरमोज खान के सिर पर काफी चोट लगी है, वह बोल नहीं रहा। इसके बाद मोहम्मद रहमत छत पर पहुंचा तो मोहम्मद अरमोज की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस को दिए बयान में मोहम्मद रहमत ने बताया कि उसके जीजा मोहम्मद अमरोज की हत्या बृजमोहन ने की है। हत्या करने के बाद वह भाग गया।
पुलिस ने आरोपी बृजमोहन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बृजमोहन ने पुलिस को बताया कि मोहम्मद अरमोज के साथ उसकी अनबन रहती थी। कुछ दिन पहले उसका अरमोज के साथ झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसने अरमोज को मारने की ठान ली। 29 मई की रात को अरमोज छत पर सोया हुआ था। बृजमोहन ने पुलिस को बताया कि वह रात को एल्युमिनियम की रॉड लेकर छत पर गया और चारपाई पर सोए मोहम्मद अरमोज के सिर व मुंह पर रॉड से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह भाग गया।