सिरसा। रिश्वत लेने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सिरसा के ऑडिटर वीरेंद्र कुमार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी की सजा का फैसला 9 फरवरी तक सुरक्षित रखा है। वीरेंद्र कुमार को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हिसार की टीम ने 18 मई 2018 को गिरफ्तार किया था।
सिरसा की भीम कॉलोनी निवासी प्रेम जैन का बरूवाली प्रथम में सरकारी राशन डिपो है। उसका राशन वितरण का कमीशन एक जनवरी 2016 से लेकर 31 मार्च 2017 तक बकाया था। 17 मई 2018 को उसने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय में जाकर ऑडिटर वीरेंद्र कुमार से मुलाकात की। ऑडिटर वीरेंद्र कुमार ने कमीशन जारी करने के बाद 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी। प्रेम जैन ने विजिलेंस ब्यूरो को अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हिसार ने सिरसा उपायुक्त से अनुमति ली और मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। उपायुक्त ने ऐलनाबाद के तहसीलदार संजय चौधरी को मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने प्रेम जैन को फीनॉलफ्थेलिन पाउडर लगे 2000 हजार के 25 नोट दिए। विजिलेंस ब्यूरो के कहने पर प्रेम जैन ने ऑडिटर वीरेंद्र कुमार को बीकानेर स्वीट्स पर बुलाया। यहां पहुंचकर वीरेंद्र कुमार ने प्रेम जैन से जैसे ही रुपये पकड़े विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया और उसकी जेब से रुपयों की बरामदगी की। मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने आरोपी वीरेंद्र कुमार को दोषी करार देकर सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया।