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गांव गिंदड़खेड़ा में मेरा पानी मेरा हक के लिए मतदान का बहिष्कार

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गांव गिदड़ांखेड़ा में बूथ के बाहर नारेबाजी करते मेरा पानी मेरा हक के सदस्य व ग्रामीण। संवाद - फोटो : Sirsa
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गोरीवाला (सिरसा)। गांव गिंदड़खेड़ा के किसानों की मांग अनसुनी करने से नाराज मेरा पानी मेरा हक टीम के सदस्यों के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव का पूर्णत: बहिष्कार कर दिया। गांव के दो बूथों के 1304 मतदाताओं ने मत नहीं डाला। प्रदर्शनकारियों ने मतदान केंद्र से कुछ दूरी पर गांव के गुरुद्वारा साहिब के पास बैठकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
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इस गांव के विक्रम सिंह, जगतार सिंह, सरपंच इकबाल सिंह, सरपंच सतपाल सिंह, सतपाल, जसविंदर सिंह चहल, प्रीतम सिंह, प्रीत सिंह, अमर सिंह, रणदीप सिंह ने बताया कि भाखड़ा से चौटाला गांव तक नहर निकाली जा रही है। ग्रामीणों को नई नहर निकालने पर एतराज है। नए माइनर स्थापित होने से करीब 16 गांवों को सिंचाई पानी से वंचित रहना पड़ेगा। इस नए नहर के निकाले जाने से गांव के हिस्से का पानी बंट जाएगा। नई नहर निकाले जाने के विरोध में ग्रामीणों करीब 67 दिन तक आंदोलन किया था। ग्रामीणों को डीसी पार्थ गुप्ता ने मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था। अभी तक मांगें नहीं माने जाने के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को गांव में बनाए गए दो बूथों पर पोलिंग पार्टी मतदान केंद्र में मतदाताओं का इंतजार करती रही। दोनों ही मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। गांव की किसी भी मतदाता ने वोट नहीं किया। अधिकारियों और कर्मचारियों के मनुहार के बाद भी ग्रामीण मतदान को तैयार नहीं हुए।
वर्जन
पीठासीन अधिकारी हरविंदर कुमार ने बताया कि गांव के लोगों के विरोध के चलते पूरे दिन गांव का एक भी मतदाता मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचा। चुनाव आयोग की ओर से दो बूथ 103 व 104 पर टीम पूरी तरह से सतर्क रही। मतदान का समय पूर्ण हुआ तो बिना किसी मतदान के टीम को वापस रवाना होना पड़ा।
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