सिरसा में धरने पर बैठे लोगों से बात करते थाना प्रभारी।
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ओढां। ब्लॉक समिति ओढां के वाइस चेयरमैन और दो समिति सदस्यों ने बीडीपीओ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि बीडीपीओ द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना का उचित जवाब नहीं दिया जा रहा है। वहीं, बीडीपीओ ने इन आरोपों को नकारते हुए नियमों के विपरीत वीडियोग्राफी करने का आरोप लगाया है।
ब्लॉक समिति सदस्य गुरदीप सिंह ने बीती 7 अगस्त को आरटीआई के तहत वर्ष 2023 से 2026 तक के ब्लॉक समिति के कार्यों की सूचना मांगी थी। बीडीपीओ कार्यालय ने गुरदीप सिंह को 19 अक्तूबर को सुबह 9 से 10 बजे के बीच रिकॉर्ड अवलोकन के लिए बुलाया। गुरदीप सिंह अपने कुछ साथियों के साथ कार्यालय पहुंचे और उन्हें रिकॉर्ड उपलब्ध करवाया गया। विवाद तब शुरू हुआ जब गुरदीप ने अपने मोबाइल से वीडियो बनानी चाही। बीडीपीओ ने विभागीय नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रिकॉर्ड की प्रति देने से मना कर दिया। इसके बाद गुरदीप सिंह, वाइस चेयरमैन अंजू शर्मा, समिति सदस्य पवन कुमार सोनी और जनता अधिकार मोर्चा के प्रदेश प्रभारी जसविंदर सिंह बब्बू सहित अन्य लोग धरने पर बैठ गए।
आरटीआई सूचना पर आरोप-प्रत्यारोप
गुरदीप और अंजू शर्मा ने आरोप लगाया कि बीडीपीओ उन्हें आरटीआई की सूचना उपलब्ध करवाने में जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई उनका अधिकार है, लेकिन अधिकारी इन अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
बीडीपीओ ने दर्ज कराई शिकायत
बीडीपीओ अमन मित्तल ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जो रिकॉर्ड मांगा गया था, वह अवलोकन के लिए उपलब्ध करवा दिया गया था। अमन मित्तल ने कहा कि गुरदीप सिंह ने गुप्त रूप से वीडियो बनाने की कोशिश की, जो नियमानुसार उचित नहीं है। बीडीपीओ ने गुरदीप सिंह के खिलाफ थाना प्रभारी को शिकायत दी है। शिकायत में कार्यालय में बिना अनुमति महिला कर्मचारी की वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर मानहानि करने सहित कई आरोप लगाए गए हैं। डेटा एंट्री ऑपरेटर अमनदीप कौर ने भी गुरदीप सिंह पर बिना अनुमति वीडियो बनाने और उसे ग्रुप में डालने की शिकायत दर्ज कराई है।