जिले में ब्लैक फंगस के सात मरीज सामने आए हैं। इनमें से एक मरीज की आंख खराब होने के कारण मरीज के परिजन उसे लुधियाना स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां मरीज की एक आंख का ऑपरेशन हो चुका है, जबकि दूसरी आंख भी खराब हो रही है। जिले स्वास्थ्य विभाग के पास इसका अभी उपचार की सुविधा नहीं है। मरीजों के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उपचार की व्यवस्था की गई है।
सिरसा में ब्लैक फंगस के मरीज होने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। इसके बारे में मुख्यालय को जानकारी भेजी गई है। सिविल सर्जन डा. मनीष बांसल ने बताया कि जिले में मिले सात संक्रमितों में से चार सिरसा के हैं जबकि तीन फतेहाबाद जिले से हैं। ब्लैक फंगस की बीमारी से प्रभावित एक मरीज की आंख खराब हो जाने के कारण लुधियाना के निजी अस्पताल में उसकी आंख का ऑपरेशन किया गया है तथा दूसरी आंख पर भी इसका प्रभाव देखा गया है। उन्होंने बताया कि सिरसा में मिले संक्रमितों में फतेहाबाद शहर के दो व गांव भोडिया बिश्नोइयां का एक मरीज शामिल है। इसके अलावा सिरसा के ढुकड़ा, ममेरांकला, डबवाली के अलावा सिरसा शहर का भी एक मरीज संक्रमित है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लैक फंगस प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था की गई है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों का इलाज करेगी।
----
यह है ब्लैक फंगस के होने के लक्षण
ब्लैक फंगस के लक्षण उन रोगियों में अधिक मिल रहे हैं जो शुगर पीड़ित थे और कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। इलाज के दौरान स्टेरॉयड व हेवी डोज दिए जाने के कारण उनमें ब्लैक फंगस के लक्षण आ गए। मुख्य रूप से यह बीमारी गले, मुंह, नाक में असर करती है साथ ही इसका असर दिमाग व आंख पर भी होता है। मरीज को शुरू में चेहरे पर सुन्नपन, आंखों में दर्द की शिकायत होती है। सुंघने की क्षमता न रहना, नाक बहना, मुंह में छाले, त्वचा काली पड़ना इत्यादि इसके लक्षण हैं। वहीं बालाजी ईएनटी अस्पताल के संचालक डा. सुदीप मुंजाल ने बताया कि उनके अस्पताल में ब्लैक फंगस के रोजाना एक दो केस आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं।