सिरसा। नगर परिषद के चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर रविवार को करनाल के भाजपा सांसद संजय भाटिया सिरसा पहुंचे। सांसद ने जिला प्रभारी श्रीनिवास गोयल, जिलाध्यक्ष जतिंदर सिंह, सीएम के पूर्व ओएसडी जगदीश चोपड़ा, और बिजली मंत्री रणजीत सिंह के साथ सिरसा नगर परिषद के चुनाव को लेकर चर्चा की।
बैठक रेस्ट हाउस में देर रात नौ बजे तक चली। बैठक में सबसे ज्यादा वार्ड पांच की पार्षद सुमन शर्मा के नाम की चर्चा हुई। क्योंकि सुमन शर्मा के पति ओर बीजेपी नेता राजेश शर्मा का शुक्रवार को निधन हो गया था। इस नाम पर सबने सकारात्मक दृष्टिकोण रखा, लेकिन नाम की फाइनल मुहर नहीं लगी। सभी पार्टियों को एक मंच पर लाने की चर्चा की गई। ताकि चुनाव की जरूरत ना पड़े। इसलिए संसद संजय भाटिया चुनाव तक सिरसा रहेंगे और सोमवार को बीजेपी की इनलो नेता अभय चौटाला और राहुल सेतिया सहित हलोपा विधायक गोपाल कांडा के साथ बैठक की जाएगी। सिरसा नगर परिषद का चुनाव 11 अगस्त को है। इससे पहले प्रशासन ने किन्हीं कारणों के कारण पांच अगस्त को होने वाले चुनाव को स्थगित कर दिया था। बता दें कि एक अगस्त 2018 को बीजेपी की शीला सहगल को बीजेपी के नौ पार्षदों सहित कुल 22 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पास करके चेयरपर्सन की कुर्सी से हटा दिया था। शीला सहगल राहुल सेतिया गुट की थीं। अब भाजपा अपने नौ पार्षदों से किसी एक को चेयरपर्सन बनाना चाहती है, लेकिन इसके लिए उसे कम से कम 16 पार्षदों का बहुमत होना किए। एक पार्षद की मौत के बाद कुल 30 पार्षद हैं। यदि एमपी और एमएलए वोट डालते हैं तो कुल 32 में से 17 वोट चेयरपर्सन की लिए जरूरी हैं, जबकि 21 सदस्यों का कोरम पूरा होना जरूरी है।
भाजपा खेल सकती है सुमन शर्मा पर दांव
वार्ड नंबर पांच से पार्षद सुमन शर्मा के पति राजेश शर्मा का शुक्रवार को आकस्मिक निधन हो गया था। ऐसे में बीजेपी सुमन शर्मा को चेयरपर्सन का उम्मीदवार उतारकर भावनात्मक समर्थन ले सकती है। बीजेपी सांसद रविवार को उनके घर पर शोक जताने पहुंचे थे।
हलोपा ने विधायक गोपाल कांडा पर छोड़ा फैसला
हलोपा के पांच पार्षदों सहित 12 पार्षदों ने विधायक गोपाल कांडा पर फैसला छोड़ा है कि वे जो भी निर्णय लेंगे सभी सहमत होंगे। पार्षद मनोज मकानी ने कहा कि सभी ने विधायक पर फैसला छोड़ा है।
बीजेपी का लक्ष्य समाज में अच्छा संदेश देना
पार्टी की मीटिंग हुई है। बीजेपी का लक्ष्य है कि समाज में अच्छा संदेश जाए। चेयरपर्सन के नाम पर पार्टी जो भी नाम तय करेगी उस पर सभी एकमत होंगे।
जतिंदर सिंह।