सिरसा। बेगू रोड पर बाइक सवार युवक बेसहारा पशु से टकरा गया। हादसे में युवक की मौत हो गई। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह डाॅक्टर बनने के लिए निजी संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया और इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 21 वर्षीय शुभम निवासी परमार्थ कॉलोनी, डेरा सच्चा सौदा के रूप में हुई है। शुभम सिरसा के निजी संस्थान में नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। बुधवार देर रात करीब 10 बजे उसकी बाइक के आगे बेसहारा पशु आ गया। इससे बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिरकर घायल हो गया। शुभम के सिर पर गंभीर चोट आईं। हादसे के बाद राहगीरों ने उसके परिजनों को सूचित किया।
इसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए। यहां दो दिन तक वह जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा। शुक्रवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और शुभम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
शहर में 1500 के करीब बेसहारा पशु
आंकड़ों के अनुसार शहर में 1,500 के आसपास बेसहारा पशु हैं। नगर परिषद ने करीब एक माह पहले अभियान चलाकर 160 बेसहारा पशु पकड़े थे। इसके बाद पुशओं के टेगिंग न होने के कारण गोशालाओं ने पशु लेने से इंकार कर दिया और अभियान ठप हो गया। अब पशुओं के टेगिंग शुरू होने के साथ ही नगर परिषद ने फिर से अभियान शुरू किया है। बुधवार रात को 15 पशुओं को पकड़ा गया।
पिता सीआईएसएफ से सेवानिवृत्त, बेटे की मौत से सदमे में
शुभम अपने मामा-पिता का इकलौता बेटा था। कुछ समय पहले ही बेटे की पढ़ाई के लिए परिजन दिल्ली से सिरसा आए थे। वे डेरा सच्चा सौदा के पास स्थित परमार्थ कॉलोनी में रहते थे। शुभम के पिता सीआईएसएफ जवान थे। वे अब नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शुभम सिरसा के निजी संस्थान में नीट की तैयारी कर रहा था। हादसे के बाद से परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
शहर में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही सभी बेसहारा पशुओं को भी पकड़ कर नंदीशाला और गोशालाओं में भेजा जाएगा। - जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरिक्षक, नगर परिषद सिरसा।