बिजली निगम को विजिलेंस का साथ खूब रास आ रहा है। विजिलेंस की धरपकड़ से निगम के डिफॉल्टरों में हड़कंप मच हुआ है। विजिलेंस ने डिफॉल्टरों को गिरफ्त में लेकर निगम के खजाने को भर दिया है।
विजिलेंस शाखा सिरसा के प्रभारी चंद्रभान का कहना है कि एक वर्ष की अवधि के दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ डिफॉल्टरों की धरपकड़ की। इसकी बदौलत एक करोड़ 25 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा हुए। बिजली निगम की तरफ से विजिलेंस को जो अभियान सौंपा गया उससे निगम को उम्मीद से अधिक सार्थक परिणाम मिल रहा है।
15 दिनों के अंदर ही निगम के खजाने में करीब 20 लाख रुपये डिफॉल्टरों ने जमा करवाए। विजिलेंस टीम डिफॉल्टरों की सूची लेकर प्रतिदिन जिलेभर में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में छापेमारी करने में जुटी है। जिलेभर में बिजली निगम ने 350 डिफॉल्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
इसके बाद से विजिलेंस ने एफआईआर शुदा बकाएदारों के घरों में दबिश देनी शुरू कर दी। धरपकड़ से घबराए बकायदारों ने जेल जाने के डर से जुर्माना सहित बकाया बिल राशि जमा करवाने लगे हैं।
विजिलेंस के चलाए अभियान की बदौलत एक वर्ष की अवधि में एक करोड़ 25 लाख की राशि निगम ने डिफॉल्टरों से वसूल की है। विजिलेंस सिरसा शाखा प्रभारी चंद्रभान ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो ने हाल ही में साहूवाला, सिरसा, रानियां, डिंग में काफी बिजली चोरी पकड़ी है। बिजली चोरों को तीन लाख से अधिक का जुर्माना ठोका गया है।
चार हजार डिफॉल्टर
बिजली निगम डिफॉल्टरों को 21 दिनों का समय देता है। इसके बाद उक्त उपभोक्ता के खिलाफ बिजली चोरी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाती है।
निगम के एसडीई वर्मा ने बताया कि बिजली निगम ने जिलेभर में करीब चार हजार उपभोक्ताओं को डिफॉल्टर घोषित किया हुआ है।
जो समय अवधि के दौरान बिल जमा करवा रहा है उसके खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई नहीं होती। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाती है उन डिफॉल्टरों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी विजिलेंस को सौंपी जाती है।
टोल फ्री नंबर से अधिकारियों में हड़कंप
आप किसी भी बिजली निगम में तैनात अफसर व कर्मचारी की कारगुजारी से परेशान हैं। वह काम करने के बदले आपसे रिश्वत की मांग कर रहा है या फिर काम करने में आनाकानी करता है तो इसे लेकर आपको परेशान होने की जरुरत नहीं। विजिलेंस ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001802124 की व्यवस्था की है।
महानिदेशक विजिलेंस आरपी सिंह ने बिजली निगम से भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए यह प्रयास शुरू किया है। आम जनता 24 घंटे इस सेवा का लाभ लेते हुए अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। विजिलेंस सिरसा शाखा प्रभारी चंद्रभान का बताया कि शिकायत दर्ज करवाने के 48 घंटों के भीतर शिकायत का निपटारा कर दिया जाएगा।
महानिदेशक द्वारा आरंभ की गई इस सेवा से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक काम करने में टाल-मटोल करने से बच रहे हैं। टोल फ्री नंबर से बिजली उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली है।
अधिकारियों की क्रॉस चेकिंग
निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर एसई आरके वर्मा पूरी नजर रख रहे हैं। उनके कार्य में पारदर्शिता रहे इसके लिए एसई आरके वर्मा क्रॉस चेकिंग करवाते हैं। जिस क्षेत्र में चोरी की सूचना मिलते है उस क्षेत्र में दूसरे क्षेत्र के जेई को छापेमारी के लिए भेजा जा रहा है।
जिलेभर में अधिकारियों से इसी प्रकार से कामकाज करवाया जा रहा है। कई दफा तो छापेमार टीम के पीछ-पीछे एसई अपनी टीम भी गुपचुप जांच करने के लिए भेज देते हैं।
हो सकती है तीन साल कैद
बिजली चोरी के मामले में अदालत दोषी को छह माह से लेकर तीन साल तक सजा और एक लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुना सकती है।
विजिलेंस ने जोर-शोर से अभियान चलाया हुआ है। केस दर्ज होने के बाद डिफॉल्टर को पहले 14 दिनों का नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद उसे दबोचने की कार्रवाई अमल में लाई जाती है। डिफॉल्टर अगर जुर्माना सहित सारा बकाया बिल भर देता है तो निगम से उसे राहत मिल जाती है।
जो डिफॉल्टर रुपया नहीं जमा करवाता उसे अदालत न्यायिक हिरासत भेज देती है। कई डिफॉल्टरों को अदालत ने हाल ही में दोषी करार देकर छह-छह महीने की सजा सुनाई है। चंद्रभान, प्रभारी विजिलेंस शाखा सिरसा