सिरसा। पत्नी को धोखा देते हुए एक व्यक्ति ने मंदिर में दूसरी लड़की से प्रेम विवाह कर लिया। इतना ही नहीं विवाह करने वाले व्यक्ति ने न्यायालय को गुमराह करते हुए खुद को कुंवारा बताया और पांच दिन तक दूसरी पत्नी संग सेफ हाउस में भी रहा। जब इस बारे में पहली पत्नी को पता चला तो सोमवार को वह जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचीं। पीड़ित महिला ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पीड़ित ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा से मांग की है कि कोर्ट उसके पति के खिलाफ पुलिस को धोखाधड़ी का केस दर्ज करने का आदेश दे। न्यायालय इस मामले की सुनवाई 7 फरवरी को करेगा। मामले के अनुसार गोशाला मोहल्ला निवासी सुनीता की शादी वर्ष 2015 में गांव माधोसिंघाना निवासी बंटी से हुई थी। सुनीता का कहना है कि वर्ष 2015 में उसके पहले पति सोनू की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद ससुराल वालों ने उसकी शादी देवर बंटी से करा दी। आरोप है कि उसके पहले पति की मौत के बाद क्लेम राशि के तौर पर उसे 18 लाख रुपये मिले थे। पति बंटी व ससुराल वाले उससे ये रुपये हड़पना चाहते थे। सुनीता का कहना है कि उसने 18 लाख रुपये पति बंटी को देने से इन्कार कर दिया तो ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और मारपीट करने लगे। इसके बाद वह मायके जाकर रहने लगी।
न्यायालय से मांगी थी पुलिस सुरक्षा
सुनीता का कहना है कि उसे अब पता चला कि 22 अप्रैल 2023 को उसके पति बंटी ने रेखा रानी निवासी रानियां गेट के साथ गोशाला रोड स्थित मंदिर में दूसरी शादी कर ली। इसके बाद बंटी व रेखा ने सिरसा सेशन कोर्ट से पुलिस प्रोटेक्शन की मांग की। बंटी ने सेशन कोर्ट को गुमराह करते हुए अपने आप को कुंवारा बताया। इसके बाद सेशन कोर्ट ने 24 अप्रैल 2023 को उन्हें प्रोटेक्शन हाउस भेज दिया। 29 अप्रैल तक दोनों सेफ हाउस में रहे।
एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे कोर्ट : पीड़िता
सुनीता का कहना है कि उसने सारी बात महिला अधिवक्ता को बताई। इसके बाद सोमवार को वह सिरसा जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंची और बिना तलाक दिए दूसरी शादी करने वाले अपने पति के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। सुनीता ने न्यायालय को बताया है कि उसके पति ने उसे धोखा देने के साथ-साथ कोर्ट को भी गुमराह किया है। इसलिए न्यायालय पुलिस को उसके पति बंटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे।