सिरसा। मार्च माह में संभावित लोकसभा चुनावों के चलते आचार संहिता लग सकती है। ऐसे में जिले में विकास कार्यों और मुख्यमंत्री की घोषणा को लेकर टेंडर लगाने की होड़ विभागों में देखने को मिल रही है। सभी विभाग अपने अपने स्तर पर विकास कार्यों के टेंडर लगाने में जुट गए हैं। एक-एक दिनों में 20 से 30 टेंडर लगाए जा रहे हैं। पंचायती राज विभाग ने 1 मार्च से लेकर अब तक 60 से ज्यादा विकास कार्यों के 100 करोड़ रुपये के आसपास के टेंडर लगा दिए हैं।
वहीं नगर परिषद की ओर से शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। बस क्यू शेल्टर के बाद शहर के मुख्य द्वार बनाने को लेकर एजेंसी हायर करने को लेकर विभाग शॉर्ट टर्म टेंडर लगाने में जुट गया है। नियमानुसार आचार संहिता के अंदर विकास कार्य नहीं करवाए जा सकते हैं। ऐसे में आचार संहिता लगने से पहले विकास कार्य शुरू करवा गए कार्य पर रोक नहीं होती है। इतना ही नहीं, यदि वर्क ऑर्डर भी पहले जारी हो जाता है तो उस कार्य को शुरू करवाया जा सकता है। यही वजह है कि अधिकारियों की ओर से बड़े स्तर पर विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए हैं।
पंचायती राज के यह है मुख्य कार्य
1 गांवों की ढाणियों की सड़कों का निर्माण
2 गांव की सड़कों का निर्माण
3 गांवों में चौपाल
4 गांवों के फिरनी के रास्ते
5- व्यायामशालाओं का निर्माण
6 - श्मशान भूमि के रास्तों का निर्माण
नगर परिषद के यहां बनेंगे स्वागत द्वार
- सदर थाना बरनाला रोड
- बस स्टैंड
- लोक निर्माण विश्राम गृह
- विश्वकर्मा चौक
- दिल्ली पुल
- परशुराम चौक
- अरोडवंश चौक
- आईटीआई चौक
- आंबेडकर चौक
- टाउन पार्क
- महाराणा प्रताप चौक
- रानियां रोड
- बेगू रोड
- बाजेकां रोड
- डबवाली रोड
- बरनाला रोड
- चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी
- लाल बत्ती चौक
- सतनाम सिंह चौक
- एयरफोर्स स्टेशन
विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री घोषणा से लेकर अलग अलग ब्लॉक में विकास कार्यों को लेकर टेंडर लगाए गए हैं।
-गौरव भारद्वाज, एक्सईएन, पंचायती राज
शहर के स्वागत द्वार बनाने को लेकर एजेंसियों से टेंडर मांगे गए हैं। शॉर्ट टर्म टेंडर लगाया गया है।
अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद