जानकारी के अनुसार पदम बंसल से पुलिस ने फर्मों के ठिकानों पर लेकर जाकर शिनाख्त करवाई। फर्म के पते तो सही पाए गए, लेकिन फर्म चलाने वाले पहले ही गायब हो चुके हैं। आस पास के लोगों तक को नहीं पता है कि पूर्व में कौन सी फर्म उन पतों पर चलती थी। इसी से जाहिर होता है कि टीन नंबर देते समय कितना बड़ा झोल किया गया है। इसके कारण यह लोग करोड़ों रुपये का सरकार को चुना लगाने में कामयाब हो गए। जानकारों की मानें तो इस मामले में मौजूदा एसआईटी की टीम ने भले ही मुस्तैदी दिखाकर इन लोगों को गिरफ्तार लिया हो। यदि यह कार्रवाई समय रहते हुए हो जाती तो फर्मों के सभी मालिकों को गिरफ्तार किया जा सकता था।