यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में शुक्रवार को सरकारी बैंकों के कर्मचारी बरनाला रोड पर एकत्रित हुए और बाबा भूमणशाह चौक के समीप स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर धरना दिया। लोगों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी। ऐसे में बैंक में पैसे जमा करवाने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सिरसा के बैंकों में करीब एक दिन में 50 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। जबकि पूरे जिले में 100 करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ।
शहर में सभी बैंकों के कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहे। शहर में बैंक कर्मचारियों की कुल नौ यूनियन हैं। सभी हड़ताल में शामिल रहीं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। शहर में करीब कुल 13 सरकारी बैंक है जो हड़ताल के कारण बंद रहे। इसके साथ ही उन बैंकों की सभी शाखाएं भी बंद रही। बैंक में आने वाले ग्रामीण इलाकों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहीदांवाली के रहने वाले लवदीप ने बताया कि उसे पता नहीं था कि आज बैंक की हड़ताल है और वह पैसे जमा करवाने आया हुआ था, जहां बैंक के बाहर लगा बोर्ड देखा तो पता लगा कि हड़ताल है। हड़ताल को लेकर उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नाथूसरी चोपटा से आए सुरेंद्र ने बताया कि वह एसबीआई ब्रांच में पैसे जमा करवाने आया हुआ है। जब वह यहां पर पहुंचा तो पता लगा कि आज हड़ताल है, जिससे अगर उसे पहले पता होता तो वह अपना काम छोड़ कर नहीं आता। एटीएम से पैसे निकलवाने पहुंचे दीपक और यश ने बताया कि बैंक में हड़ताल के चलते एटीएम में भी भीड़ लगी हुई है। वहां काफी समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
12 मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे बैंक कर्मचारी
बैंक कर्मियों की हड़ताल एक फरवरी तक जारी रहेगी। अपनी मांगों के समर्थन में बैंककर्मी मार्च में तीन दिन और फिर अप्रैल में बेमियादी हड़ताल करेंगे। कर्मचारी नेता हरीश मोंगा व नरेश मुखीजा ने बताया कि हड़ताल में 12 मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग, समान काम के बदले समान वेतन, रिटायरमेंट लाभ को आयकर से मुक्त करना, मूल वेतन में विशेष भत्ता का मर्जर, अपडेट पेंशन, पारिवारिक पेंशन में बढ़ोतरी, नए पेंशन स्कीम को रद्द करना, बैंकिंग कारोबार की अवधि एक समान तय करना, अधिकारियों के लिए नियत कार्य अवधि तय करना, लंच का समय तय करना, कच्चे कर्मचारियों का पेय स्केल तय करना तथा काम के घंटे तय करना शामिल है। अगर इस हड़ताल से भी सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो उन्हें बड़े संघर्ष की तरफ रुख करना होगा। इस मौके पर अशोक कंबोज, राजेश सूद, रणजीत सिंह, लतिका वर्मा, गीता रानी, रविंद्र, भूषण भी मौजूद थे।