किट के सेवन से गर्भवती महिला की हालत हो गई थी खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गर्भपात के लिए एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) किट बेचने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी गगनदीप गांव थिराज सिरसा का रहने वाला है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने 28 अप्रैल को अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में याचिका दायर की थी।
नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार को दिए बयान में अर्शदीप सिंह ने बताया था कि उसकी पत्नी दो माह से गर्भवती है। आरोपी गगनदीप का मेडिकल स्टोर है। गगनदीप ने उसे एक एमटीपी किट बेची थी। उसने एमटीपी किट के उपयोग के बारे में जानकारी भी दी। उसकी पत्नी ने एमटीपी किट का सेवन किया तो उसकी हालत बिगड़ गई। एक माह बाद भी उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ।
डॉक्टर ने उसकी पत्नी से इलाज के इतिहास के बारे में पूछे जाने पर उसने बताया कि 31 जनवरी 2026 को उसने एमटीपी किट का सेवन किया था। ये किट उसके पति ने दीप मेडिकोज से खरीदी थी। मेडिकल स्टोर संचालक गगनदीप ने एक हजार रुपये में ये किट दी थी।
याचिका निपटारा करते हुए न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने कहा कि यह अपराध बड़े पैमाने पर जनता व सार्वजनिक नैतिकता से जुड़ा है। याचिकाकर्ता अग्रिम जमानत की रियायत का हकदार नहीं है। इसलिए याचिका खारिज की जाती है। आरोपी के खिलाफ 28 फरवरी 2026 को रोड़ी थाना पुलिस ने नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी।