संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने समक्ष लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘समाधान समारोह’ नामक एक अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का त्वरित व आपसी सहमति से निपटारा सुनिश्चित करना है। यह अभियान 21 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है। इसका समापन 21, 22 व 23 अगस्त को आयोजित विशेष लोक अदालत के साथ किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कि सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बगोतिया ने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट की इस पहल से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होने की उम्मीद है, बल्कि लोगों को शीघ्र और संतोषजनक न्याय भी प्राप्त हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह अभियान न्याय को जन-जन तक सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाने की परिकल्पना पर आधारित है, जहां पारंपरिक अदालती प्रक्रिया के बजाय संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में यह पहल देशभर के न्यायालयों, विधिक सेवा प्राधिकरणों, अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयास से संचालित की जा रही है।
उन्होंने सभी अधिवक्ताओं, वादकारियों व संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो सके।