संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला प्रशासन ने गर्मी के मद्देनजर जिलावासियों से आह्वान किया है कि वे हीट स्ट्रोक से बचने के लिए आवश्यक बचाव उपाय व सावधानियां बरतें। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि हीट वेव की स्थिति शारीरिक तनाव के साथ-साथ जानलेवा भी हो सकती है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे हीट स्ट्रोक से होने वाली गंभीर बीमारियों और मृत्यु से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं।
स्थानीय मौसम का पूर्वानुमान जानने के लिए समाचार पत्र पढ़ें, रेडियो सुने या टीवी देखें ताकि आप अपने क्षेत्र में गर्मी की तीव्रता से अवगत रह सकें। पर्याप्त पानी पीएं और हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। धूप में बाहर निकलते समय काला चश्मा, छाता, पगड़ी, दुपट्टा, टोपी, जूते या चप्पल पहनें। यात्रा करते समय हमेशा पानी साथ रखें। घर में बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें।
कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, दौरे जैसी हीट स्ट्रोक या हीट रैश के लक्षणों को पहचानें। यदि आप बेहोश या बीमार महसूस करते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अपने घर को ठंडा रखने के उपाय करें, दिन के दौरान पर्दे या शटर का इस्तेमाल करें, लेकिन रात में खिड़कियां खुली रखें। पंखे का उपयोग करें और ठंडे पानी से नहाएं। कार्यस्थल पर ठंडा पेयजल उपलब्ध रखें और श्रमिकों को सीधी धूप से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। कार्य के लिए दिन के कम तापमान वाले समय का चयन करें। बाहरी गतिविधियां कम से कम करें। गर्भवती महिलाओं और श्रमिकों को गर्मी से बचाव के लिए अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए।
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क्या न करें:
धूप में बाहर जाने से बचें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच।
गहरे, भारी या तंग कपड़े पहनने से बचें।
गर्मी के दौरान कठोर श्रम वाली गतिविधियों से बचें।
अत्यधिक गर्मी के समय खाना पकाने से बचें और खाना पकाने के स्थान को पूरी तरह हवादार बनाएं, इसके लिए दरवाजे और खिड़कियां खोलें।
शराब, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचें।
उच्च प्रोटीन वाले और बासी भोजन से परहेज करें।
बच्चों और पालतू जानवरों को कभी भी अकेला न छोड़ें। उन्हें छाया में रखें और पानी उपलब्ध कराएं।