संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में हुए विकास कार्यों और योजनाओं के पैसे के आबंटन व खर्च के ऑडिट के लिए पहुंची तीन सदस्यीय टीम 20 दिनों से नगर परिषद में ही डटी हुई है। हालांकि टीम की ओर से अभी तक कोई खुलासा नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार ऑडिट टीम विकास कार्यों के टेंडर व उनकी बिलिंग को लेकर जांच में जुटी है। इसके अलावा अधिकारियों को नोटिस जारी कर दस्तावेजों को पूर्ण करवा रही है।
शहर में करवाए जा रहे विकास कार्यों की हर तीन साल में सरकार की ओर से पोस्ट ऑडिट करवाई जाती है। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2020 व 2021 में कोरोना महामारी फैली हुई थी। इस बीमारी के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद था। ऐसे में वर्ष 2021 में पोस्ट ऑडिट नहीं हो पाई। अब वर्ष 2024 में अब पोस्ट ऑडिट का कार्य चल रहा है। इन पिछले पांच सालों में 200 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य हुए हैं। इनकी जांच की छह साल बाद 29 अगस्त को तीन सदस्यीय टीम नगर परिषद पहुंची थी। तीन दिन के लिए आई टीम 20 दिनों से नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता कार्यालय पर कब्जा किए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार छह साल पुराने रिकाॅर्ड को पूरा करने में अधिकारियों, ठेकेदारों और एजेंसियों के पसीने छूट गए हैं। रिकाॅर्ड में निरंतर दस्तावेजों की कमी सामने आ रही हैं। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस कारण भी ऑडिट का कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि टीम की ओर से नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब कर उनसे रिकार्ड की मांग की जा रही है।
ऑडिट टीम के अधिकारियों के अनुसार सभी विभागों के कार्यों के भुगतान का ऑडिट किया जा रहा है। एक-एक कर विभाग के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद दस्तावेजों में पाई जाने वाली कमियों को लेकर सूची बनाई जा रही है। संबंधित विभाग को दस्तावेजों को दुरुस्त करना होगा अन्यथा उस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इन विकास कार्यों पर उठे सवाल
सफाई ठेकेदार की 45 लाख रुपये राशि जारी करने पर।
10 करोड़ के विकास कार्य का भुगतान करने पर।
1 हजार लाइटों का भुगतान करने पर।
मृत पशुओं का भुगतान जारी करने को लेकर।
अमृत के तहत प्रोजेक्ट नौ करोड़ से बढ़ाकर 37 करोड़ के टेंडर व भगुतान की जांच।
अवैध श्याम कॉलोनी में 2023 में बनाई गई सड़कों का भुगतान रोकने की।
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अधिकारी से लेकर ठेकेदार तक परेशान
ऑडिट टीम की ओर से रिकाॅर्ड जांचने में कई तरह की खामियां निकल कर सामने आ रही हैं। एक-एक कागज को जांचा जा रहा है, ताकि पूरी तरह से रिकाॅर्ड को दुरूस्त किया जा सके। बार-बार दस्तावेज मांगें जाने से अधिकारी से लेकर ठेकेदार तक परेशान हो गए हैं। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ऑडिट की टीम इतने दिनों तक नगर परिषद में डेरा जमाए हुए रहेगी।
नगर परिषद के छह साल के ऑडिट की तीन सदस्यीय टीम जांच रही है। जो कमियां जिस विभाग की सामने आ रही है। उनको पूरा करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि 20 सितंबर तक ऑडिट का कार्य पूर्ण हो जाएगा। - विक्की, एक्सईएन, नगर परिषद।