जिले में पुलिस फोर्स की कमी का लाभ उठाते हुए एटीएम लुटेरों ने सोमवार रात को शहर से इलाहाबाद बैंक का एटीएम उखाड़ लिया।
लुटेरों ने गार्ड को बेहोश किया और मात्र तीन मिनट के अंदर एटीएम उखाड़ी और गाड़ी में लादकर फरार हो गए। एटीएम में सात लाख रुपये की नकदी थी।
शहर थाना पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। शहर के अंदर पीएनबी एटीएम उखाड़ ले जाने के बाद यह दूसरी वारदात है।
जानकारी के अनुसार स्काउट चौक के पास गली चौपड़ा वाली में इलाहाबाद बैंक का एटीएम है। सोमवार रात देर रात करीब दो बजकर 36 मिनट पर नकाबपोश युवकों ने रॉड से एटीएम का शटर ऊपर किया और अंदर दाखिल हो गए।
इससे पहले कि सिक्योरिटी गार्ड अमित कुमार शोर मचाता नकाबपोश युवकों ने उसे धक्का देकर नीचे गिराया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
लुटेरों ने गार्ड को धमकी दी की अगर शोर मचाया तो वह जान से हाथ धो बैठेगा। लुटेरों ने सबसे पहले अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे पर काले रंग का स्प्रे किया और फिर गार्ड का मोबाइल छीन लिया।
इसके बाद लुटेरों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। महेंद्रगढ़ निवासी गार्ड अमित का कहना है कि करीब आठ मिनट बाद जब उसे होश आया तो उसने एटीएम गायब पाया।
इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक रविंद्र सिंह ने बताया कि 11 नवंबर को एटीएम में छह लाख रुपये की राशि डाली गई थी। सोमवार सुबह आठ बजे तक एटीएम में चार लाख 54 रुपये की राशि थी।
लुटेरे बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम देने में सफल रहे क्योंकि जिले की अधिकतर पुलिस फोर्स संत रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए बरवाला में है।
घटना की सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी सुरेशपाल मौके पर पहुंचे और जिले भर में नाकेबंदी करवा दी लेकिन लुटेरों का कोई सुराग नहीं लग पाया।
वारदात में इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल
एटीएम लुटेरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल किया। वे रात दो बजकर 36 मिनट पर एटीएम में घुसे और गार्ड को बेहोश करके तीन मिनट बाद दो बजकर 39 मिनट पर एटीएम उखाड़ इनोवा गाड़ी में डालकर ले गए।
विशाल मेगा मार्ट में तैनात चौकीदार ने लुटेरों को एटीएम गाड़ी में डालते हुए देखा था। उसने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी।
डीएसपी पहुंचे मौके पर
सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी धर्मवीर व एसएचओ सिटी सुरेशपाल मौके पर पहुंचे और नाकाबंदी करवा दी। चौकीदार व सुरक्षा गार्ड अमित कुमार से पूछताछ की।
गार्ड अमित कुमार ने पुलिस को बताया कि लुटेरों की कद काठी लंबी थी। चौकीदार ने पुलिस को बताया कि पांच नकाबपोश एटीएम को इनोवा गाड़ी में ले गए हैं।
गश्त पर थे एसएचओ
एसएचओ सिटी सुरेशपाल ने बताया कि वे क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। जैसे ही उन्हें सूचना मिली चारों तरफ नाकेबंदी करवा दी गई। मौके पर जाकर सुरक्षा गार्ड के बयान दर्ज किए।
जिले में पांचवी वारदात
एटीएम उखाड़कर ले जाने की यह पांचवी वारदात है। वारदातों का सिलसिला 28 जून 2014 की सुबह से शुरू हुआ था। इस दिन लुटेरे लालबत्ती चौके के पास पीएनबी एटीएम को उखाड़कर ले गए थे।
एटीएम में 15 लाख रुपये की नकदी थी। इस वारदात के 17 दिनों बाद लुटेरों ने डिंग रोड स्थित एसबीआई एटीएम को निशाना बनाया और एटीएम उखाड़कर ले गए।
इस एटीएम में 11 लाख रुपये की राशि थी। 22 अगस्त को डबवाली के सिरसा रोड पर लुटेरों ने पीएनबी एटीएम को उखाड़ा।
इसमें 13 लाख 79 हजार 300 रुपये की नकदी थी। सितंबर में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में एटीएम उखाड़कर ले जाने का प्रयास किया। इलाहाबाद बैंक के एटीएम उखाड़ने की घटना पांचवी वारदात है।
एक ही गिरोह का है हाथ
लुटेरों ने सभी वारदातों को एक ही तरीके से अंजाम दिया है। एटीएम में गार्ड मिला तो उसे बेहोश किया गया और फिर लोहे की संगल से एटीएम को बांधा। इसके बाद गाड़ी के पीछे हुक में संगल फंसाई और एटीएम उखाड़ ले गए ।
बेअसर साबित हुआ एक लाख का इनाम
पुलिस अधीक्षक मितेश जैन ने लुटेरों को पकड़ने के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है लेकिन इसका तनिक भी फायदा पुलिस को नहीं मिला।
पुलिस लुटेरों का कुछ भी पता नहीं लगा पाई। कई बार पुलिस की टीमें राजस्थान व पंजाब में जाकर छापेमारी कर चुकी हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लुटेरे इतने शातिर हैं कि कोई भी सबूत पीछे छोड़कर नहीं जाते। एक छोटा सा ठोस सबूत ही लुटेरों तक पहुंचने के लिए काफी है लेकिन ठोस सबूत अब तक नहीं मिला।