सिरसा। जिले के गांव गिदड़ा निवासी 65 वर्षीय वृद्धा ऊषा रानी जल सखी बनकर ग्रामीणों को पानी बचाने के लिए जागरूक कर रहीं हैं। ऊषा के पति और एक बेटा डॉक्टर हैं।
फिर भी वह घर पर आराम करने के बजाय जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभा रहीं हैं। ऊषा गांव में घर-घर जाकर लोगों को जल बचाने के तरीके बता रहीं हैं।
ऊषा वर्ष 2019 से अटल भूजल योजना के साथ जुड़ी हैं। गांव में पंचायत की 10 सदस्यीय कमेटी की तरफ से उन्हें जल सखी चुना गया था। इससे पहले वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद वह लगातार इस अभियान को गति दे रहीं हैं।
वह गांव में जनसंपर्क और बैठक कर लोगों को गिरते भूजल स्तर की जानकारी देतीं हैं। इसे बचाने के लिए जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करतीं हैं ताकि एक बार इस्तेमाल किए गए पानी को लोग रीसाइकिल कर उसका दूसरी बार इस्तेमाल कर सकें और पानी की बचत की जा सके।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर रहते भी लोगों को करतीं थीं जागरूक
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर रहने पर भी उन्होंने लगातार लोगों को जागरूक किया था। उनका यह अभियान अब भी जारी है। ऊषा रानी का कहना है कि उनके पति राजकुमार गांव में ही डॉक्टर हैं। एक बेटे ने सिरसा में निजी अस्पताल खोला है। दूसरा बेटा दवाइयों की कंपनी चला रहा है। बेटे उनसे भी सिरसा में रहने के लिए कहते हैं, लेकिन वह घर पर खाली नहीं बैठ सकतीं। उनमें अब भी समाजसेवा करने का जज्बा है। इस कारण ही वह लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहीं हैं।