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Sirsa News: सांसद के आवास का घेराव कर आशा वर्कर्स ने किया प्रदर्शन, दो हुईं बेहोश

Tue, 12 Sep 2023 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर 34 दिनों से आशा वर्कर्स हड़ताल कर रोष प्रदर्शन कर रही हैं। मंगलवार को आशा वर्कर्स ने सेक्टर 20 में स्थित सांसद सुनीता दुग्गल के आवास का घेराव कर रोष प्रदर्शन किया। गर्मी और उमस अधिक होने के कारण दो आशा वर्कर्स पर बेहोश हो गईं। इन्हें पुलिस की गाड़ी के माध्यम से निजी अस्पताल में पहुंचाया। दोनों की जांच करने के बाद उनका इलाज किया गया। क
आशा वर्कर्स का रोष प्रदर्शन लघु सचिवालय के समक्ष जारी है। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सभी आशा वर्कर्स ने सांसद सुनीता दुग्गल के आवास का घेराव करने का एलान कर दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान दर्शना व कलावती माखोसरानी ने की। सभी आशा वर्कर्स रोष प्रदर्शन करते हुए सांसद सुनीता दुग्गल के आवास पर पहुंच गईं। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सांसद के आवास पर पुलिस जवानों को तैनात कर दिया। आशा वर्कर्स ने यहां सरकार व सांसद के खिलाफ रोष प्रकट किया। आधे घंटे तक प्रदर्शन किए जाने के बाद सांसद आवास पर तैनात कर्मचारी मांग पत्र लेने के लिए पहुंचा, लेकिन वर्कर्स ने मांग पत्र देने से इंकार कर दिया। प्रदर्शन करने के दौरान वर्कर मीरा और आशा रानी को चक्कर आ गया और वह जमीन पर गिर गईं। अन्य आशा वर्कर्स ने वहां पर एक डॉक्टर को बुलाया। कुछ समय बाद भी उन्हें होश नहीं आया तो दोनों आशा वर्कर्स को पुलिस की गाड़ी में डालकर निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया गया। करीब एक घंटे बाद दोनों आशा वर्कर्स का स्वास्थ्य ठीक हो पाया। जिला सचिव पिंकी ने बताया की दोनों का इलाज अभी निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य पहले से ठीक है।
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वर्कर्स बोलीं- मांग मानने के बजाय तानाशाही पर उतरी सरकार
यूनियन की नेता शिमला, पिंकी ने कहा कि सरकार आशा वर्कर्स की मांग मानने के बजाय तानाशाही पर उतारू है। हर बार कर्मचारियों को कोरा आश्वासन देकर उठा दिया जाता है। इस बार कर्मचारी अपना हक लेकर ही उठेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की करनी और कथनी में बड़ा अंतर है। स्टेट कमेटी ने निर्णय लिया है कि 27 सितंबर तक हड़ताल जारी रहेगी। इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों की मांगों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई तो हड़ताल अनिश्चितकाल में बदल सकती है। मंच का संचालन सुलोचना व उषा ने किया। इस अवसर पर प्रवीन, पिंकी, मीनाक्षी, आशा रानी, सीटू के प्रधान कृपा शंकर त्रिपाठी, विजय उपस्थित रहे।


कर्मचारियों की यह हैं मुख्य मांगें
आशा वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 26000 दिया जाए।
सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष की जाए।
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