सिरसा-रोड़ी। अधिकारियों को मुख्य सचिव की फटकार के बाद भी जिले की मंडियों में गेहूं व सरसों की बोरियों के उठान में कोई तेजी नहीं आई है। अभी भी मंडियों में 68 फीसदी गेहूं व 39 फीसदी सरसों की बोरियां उठान का इंतजार कर रही हैं। ज्ञात रहे कि पिछले दिनों मुख्य सचिव व उपायुक्त ने उठान ठेकेदारों को स्पष्ट शब्दों में उठान में तेजी लाने को कहा था, लेकिन अभी तक अधिकारियों के आदेशों का उठान ठेकेदारों पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
जिले की अनाज मंडियों में अब तक 4 लाख 95 हजार 603 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। इसमें से 3 लाख 756 क्विंटल सरसों का ही उठान हो पाया है। 1 लाख 94 हजार 847 क्विंटल सरसों अभी भी मंडियों में पड़ी है और मंडियों में इसका उठान नहीं हो पाया है। इसी प्रकार जिले की मंडियों में अब तक 13 लाख 97 हजार 50 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है और इसमें से मात्र 4 लाख 41 हजार 279 क्विंटल ही गेहूं का उठान हो पाया है। मंडियों में अभी भी 9 लाख 55 हजार 771 क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है।
मौसम खराब चल रहा है और गेहूं की आवक मंडियों में जोरों पर है, लेकिन उठान का कार्य न होने के कारण मंडियों में गेहूं लेकर आने वाले किसानाें को अपनी ढेरियां लगाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रोड़ी संवाददाता के अनुसार
मंडियों में अधिकारी खानापूर्ति करके चले जाते हैं। गेहूं उठान के संबंध में कोई सुधार नहीं हुए। कटाई में तेजी आने के साथ ही जिले की मंडियों में गेहूं की आवक और तेज हो गई है। वहीं अनाज मंडियों में गेहूं ढेरी करने की जगह नहीं बची है। किसानों को अपनी फसल सड़कों और कच्ची जगह पर उतारनी पड़ रही है। सबसे बड़ी दिक्कत उठान की है। विभाग पिछले कई दिन से उठान में तेजी के दावे कर रहा है, लेकिन कोई खास फर्क नजर नहीं आ रहा है अभी भी 60 से 70 फीसदी गेहूं खुले में पड़ा है।
मंडियों में जगह न होने के कारण खेतों व सड़कों पर अनाज डाला जा रहा है। मार्केटिंग बोर्ड तथा खरीद एजेंसियों और प्रशासन के दावे फेल साबित हो रहे हैं। कुछ दिन पहले सिरसा उपायुक्त द्वारा दिए गए सख्त आदेशों के बावजूद भी मंडियां गेहूं की बोरियों से भरी पड़ी हैं। किसानों व आढ़तियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान अलग-अलग जगह पर व मिट्टी में अपनी गेहूं उतारने के लिए मजबूर हैं।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले डीसी सिरसा आरके सिंह द्वारा सभी अधिकारियों की बैठक लेकर उठान को 24 घंटे के अंदर अंदर करने के आदेश दिए थे। डीसी सिरसा द्वारा गाड़ियां बढ़ाने व अनलोडिंग की लेबर बढ़ाने के सख्ती के साथ आदेश दिए थे। उसके बाद प्रधान सचिव मार्केटिंग बोर्ड ने भी अधिकारियों व ठेकेदारों को गेहूं उठान के संबंध में फटकार लगाई, लेकिन कोई सुधार नजर नहीं आ रहा।
परचेजर राजिंद्र कुमार का कहना है कि उठान धीमा होने का कारण अनलोडिंग न होना है। गाड़ियां मंडी से भरकर चली जाती है, लेकिन चार-चार दिन लेबर न मिलने के कारण अनलोडिंग नहीं होती और गाड़ी वहां पर खड़ी रहती हैं। रोड़ी अनाज मंडी में 13 अप्रैल को 62,785 क्विंटल, 16 अप्रैल को 20000 क्विंटल, 18 अप्रैल को 10000 क्विंटल, 22 अप्रैल को 18300 क्विंटल, 23 अप्रैल को 22000 क्विंटल, 25 अप्रैल को 15,900 क्विंटल गेहूं की खरीद हैफेड द्वारा की जा चुकी है। जिसमें कुल मिलाकर 92,800 क्विंटल के लगभग खरीद हो चुकी है जिसमें 58,000 क्विंटल आसपास उठान हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार 1 लाख 85 हजार बैग मंडी में अभी भी पड़े हैं।
मंडी सुपरवाइजर तरसेम सिंह के अनुसार गेहूं की कुल आवक 92800 किवंटल हो चुकी है। रोड़ी आढतियां संगठन के प्रधान फूलचंद जैन का कहना है कि उठान न होने से काफी परेशानी आ रही है। उठान धीमा होने का कारण अनलोडिंग है। गाड़ियां भरकर जा रही है लेकिन दो-तीन दिन लग रहे हैं खाली होने में।