चोपटा। महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चोपटा में ब्लॉक स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की विशेष बैठक हुई। बैठक में प्ले-स्कूल गतिविधियों, बच्चों के मूल्यांकन और आईसीडीएस योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुपोषण मुक्त ब्लॉक बनाने का संकल्प लिया गया।
जिला समन्वयक रेनू ने प्ले-स्कूल रिपोर्ट कार्ड और असेसमेंट रजिस्टर के महत्व पर जोर दिया। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास का नियमित मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को रिपोर्ट कार्ड सही तरीके से भरने और बच्चों की प्रगति का रिकॉर्ड समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए।
अभिभावकों के साथ नियमित संवाद और बैठकों के आयोजन पर भी बल दिया गया। इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी। बैठक में आईसीडीएस विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी हुई। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को दिए जा रहे पूरक पोषाहार की गुणवत्ता जांची गई। सभी रिकॉर्ड को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
पीएचसी चोपटा की स्वास्थ्य टीम के सहयोग से बच्चों और माताओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर बल दिया गया। नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनकी विशेष देखभाल करने को कहा गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का आह्वान किया गया।
कुपोषण मुक्त ब्लॉक का लक्ष्य
बैठक में निर्णय लिया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रिपोर्ट कार्ड और असेसमेंट रजिस्टर का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करेंगी। कुपोषण मुक्त गांव और ब्लॉक बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नियमित गृह-भ्रमण में तेजी लाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर टीकाकरण अभियान को सफल बनाया जाएगा। इस अवसर पर सुपरवाइजर सुशीला, सुनैना, दीपिका, किरण, नीतू, अनीता, मंजू, सीता, सुमन, कलावती, कमला, अंजू, सुलोचना, रेखा, निर्मला, दया और संतोष माैजूद रहे।