रोड़ी। क्षेत्र के गांव रोड़ी में अनुसूचित जाति चौपाल में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र की दुर्दशा की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने केंद्र को नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी बरकरार है। प्रशासन ने सरपंच की मदद से गंदगी और बिजली की समस्या को एक-दो दिन में दूर कराने का आश्वासन दिया है।
क्षेत्र के गांव रोड़ी में वार्ड नंबर 20 में अनुसूचित जाति चौपाल में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बनाया गया था। उसमें मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं। आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों को शौचालय, बिजली और पेयजल की कमी से जूझना पड़ रहा था। इतना ही नहीं, गेट नहीं होने के कारण लोग आंगनबाडी में मलबा डाल रहे थे। बारिश के समय आंगनबाड़ी में दो से तीन फीट पानी भर जाता था। केंद्र के बदहाल हालातों के चलते बच्चों की संख्या भी 60 से घटकर 30 रह गई थी।
इस मुद्दे को रविवार के अंक में अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद विभाग की नींद टूटी और मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्र के लिए नई बिल्डिंग मुहैया करवाई गई।
आंगनबाड़ी वर्कर मंजू बाला ने बताया कि विभाग की ओर से रोड़ी के वार्ड नंबर 20 स्थित अनुसूचित जाति चौपाल में ही नया भवन मुहैया करवाया गया है, परंतु बच्चों व स्टाफ के लिए शौचालय, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी तक नहीं हैं। चौपाल में सफाई नहीं है, घास होने के कारण बच्चों को जहरीले जीव के काटने का खतरा भी बना हुआ है।